कैथल की चिंतन बैठक में कश्यप समाज से जुड़े मुद्दों पर हुआ गहन विचार-विमर्श
| कैथल में कश्यप समाज के बुद्धिजीवी समाजसेवियों की एक बैठक |
दिनांक 18 सितम्बर, 2016 को कैथल जिले में जवाहर पार्क (नजदीक पुराना बस अड्डा) में कैथल के कश्यप समाज के बुद्धिजीवी समाजसेवियों की एक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कश्यप एकता जाग्रति मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह कश्यप ने की। बैठक के मुख्य अतिथि हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री देशराज कश्यप और विशिष्ट अतिथि जिला परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र कश्यप माजरी व हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की मुख्य प्रशासनिक कमेटी के प्रदेश मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता एवं सूचना अधिकारी राजेश कश्यप ‘टिटौली’ थे। बैठक का संचालन वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रिन्सीपल श्री बलबीर सिंह कश्यप ने किया। इस चिंतन बैठक में कैथल जिले के सैंकड़ों समाजसेवियों व चिन्तकों ने सक्रिय भागीदारी की।
आपसी खींचतान में नहीं मिल पाई समाज को उचित राजनीतिक भागीदारी : देशराज कश्यप
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री देशराज कश्यप |
इस चिंतन बैठक में हरियाणा कश्यप समाज से जुड़े मुद्दों पर व्यापक-विचार विमर्श हुआ। इसमें कश्यप समाज के बुद्धिजीवियों ने समाज की वर्तमान परिस्थितियों, विडम्बनाओं, समस्याओं, सम्भावनाओं और भविष्य के लिए जरूरी सुझावों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री देशराज कश्यप ने कहा कि आपस की टांग-खिंचाई में हमारे समाज को राजनीतिक भागीदारी आज तक नहीं मिल पाई। लेकिन, यह सही है कि कश्यप समाज की जागरूकता व एकता में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक हम एकजुट होकर अपने हक नहीं मांगेंगे, एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे और मिलकर नहीं चलेंगे, तब तक समाज को उचित राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज में सबसे बड़ी बिरादरी होने के बावजूद आज तक उचित राजनीतिक भागीदारी न होने के पीछे हमारी आपसी मतभेद व मनभेद रहे हैं, जिसे दूर करने की सख्त जरूरत है।
जब तक समाज का एक नेता नहीं चुनेंगे, समाज आगे नहीं बढ़ेगा: सुल्तान कश्यप
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री सुल्तान कश्यप |
इस अवसर पर कश्यप एकता जाग्रति मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह कश्यप ने कहा कि बेहद विडम्बना का विषय है कि हमारा सबसे बड़ा समाज होने के बावजूद सबसे पिछड़ा समाज बनकर रह गया है। हम राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं शिक्षा आदि हर क्षेत्र में पिछड़े हुए हैं। हमें राजनीतिक स्तर पर भी कोई अहमियत नहीं है। हम सिर्फ पार्टियों के वोट बैंक बनकर रह गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमें एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। जब तक हम अपना नेता नहीं चुनेंगे और उसका साथ नहीं देंगे, तब तक हमें किसी भी तरह की राजनीतिक भागीदारी मिलनी मुश्किल है। श्री सुल्तान कश्यप ने कहा कि कश्यप एकता जाग्रति मंच लंबे समय से समाज की निःस्वार्थ निरन्तर सेवा कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।
हवा के रूख के हिसाब से चलने में समाज की भलाई: सुरेन्द्र कश्यप माजरी
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री सुरेन्द्र कश्यप माजरी |
चिंतन बैठक को जिला परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र कश्यप माजरी ने कहा कि हमें हवा के रूख के साथ चलने की आवश्यकता है। जो पार्टी सत्ता में है, और हमारे समाज का जो नेता या कार्यकर्ता उस पार्टी से जुड़ा है, यदि उसे आगे बढ़ाया जाए तो समाज को बहुत लाभ होगा। हवा के बहाव के विपरीत खड़ा होने के कारण हमें आज तक कामयाबी नहीं हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ राजनीतिक भागीदारी व हिस्सेदारी से ही समाज का भला हो सकता है, वरना हम यूं ही पिछड़े रहेंगे।
समाज में सकारात्मक परिवर्तन शुरू: राजेश कश्यप
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री राजेश कश्यप ‘टिटौली’ |
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता एवं सूचना अधिकारी राजेश कश्यप ने चिंतन बैठक को बतौर विशिष्ट अतिथि सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन शुरू हो चुका है। समाज में जागरूकता और एकता में बढ़ौतरी हुई है। अब एक आवाज पर समाज के लोग एकजुट होने लगे हैं। हरसौला-काण्ड इसका ताजा उदाहरण है। अब हरियाणा का कश्यप समाज देश में अनुकरणीय भूमिका में आ रहा है और अन्य प्रदेशों के लोग भी हमारा अनुसरण करने लगे हैं। दूसरे प्रदेशों से समाज की एकता, उन्नति एवं सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने व हर स्तर पर एक-दूसरे का साथ देने जैसे प्रस्ताव भेजे हैं। राजेश कश्यप ने आगे कहा कि हमारा प्रमुख ध्येय कश्यप समाज के लिए एक जवाबदेह नेतृत्व तैयार करने और हाशिये पर बैठे अंतिम आदमी तक की सुध लेने वाले सामाजिक तंत्र को खड़ा करने का रहा है और इस तरफ तेजी से कदम आगे बढ़ रहे हैं। अन्याय व अत्याचार के खिलाफ खड़ा होने, युवाओं के कैरियर-निर्माण में सहयोग करने, धर्मशालाओं की राजनीति से बाहर निकलकर गरीब समाज की सुध लेने, सोशल मीडिया के माध्यम से सभा व संगठन की कार्यवाही को पारदर्शी बनाने, शैक्षणिक स्थिति को मजबूत बनाने, सामाजिक रूप से सुदृढ़ होने और राजनीतिक भागीदारी के लिए संघर्ष करने जैसे अनेक मुद्दों पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राजेश कश्यप ने आगे कहा कि हमें पार्टी, सभा या संगठन को नजरअंदाज करके और निजी स्वार्थ व महत्वाकांक्षाओं को भुलाकर एक साथ आगे बढ़ना होगा और जब भी किसी कोने से समाज के किसी व्यक्ति पर अन्याय या अत्याचार का समाचार मिले, तो उस व्यक्ति या परिवार तक पहुंचना व समुचित सहयोग देने की परंपरा को अटूट बनाना होगा।
समाज को कुरीतियों व रूढ़ियों को छोड़ शिक्षा पर जोर देना होगा : समाजसेवीगण
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री रोहताश कश्यप |
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री गोपाल कश्यप |
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री बलबीर कश्यप |
| चिंतन बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री ईशम सिंह कश्यप |
चिंतन बैठक का संचालन करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रिन्सीपल श्री बलबीर कश्यप ने कहा कि हमें अपने बच्चों की शिक्षा व रोजगार पर जोर देना होगा। चिंतन बैठक में गोध गाँव के सरपंच ईशम सिंह कश्यप के अलावा गोपाल कश्यप, रोहताश कश्यप आदि अनेक समाजसेवियों ने अपने विचार रखे और समाज को नशे से दूर रहने, बेटियों को पढ़ाने, अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवाने, दहेज न लेने व न देने जैसे अनेक विषयों पर गहराई से प्रकाश डाला।
सैंकड़ों समाजसेवी रहे उपस्थित
इस चिंतन बैठक में कैथल जिले के सैंकड़ों समाजसेवियों व चिन्तकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिसमें मोहन लाल कश्यप, सत्यवान कश्यप, भरथ सिंह कश्यप, लाल सिंह कश्यप, गोपाल कश्यप, श्यामा कश्यप, मेहर सिंह कश्यप, कृष्ण कश्यप, राम कुमार कश्यप, बलराम कश्यप, धर्मपाल कश्यप, प्रीतम कश्यप, भलेराम कश्यप, ओम प्रकाश कश्यप, मांगेराम कश्यप, रोहताश कश्यप, राजबीर कश्यप, गुरूदेव कश्यप, भोलू कश्यप, ईशम कश्यप, रवि प्रकाश कश्यप, सतपाल कश्यप, बलबीर कश्यप, सोमदत्त कश्यप, अमरिक सिंह कश्यप, बुधराम कश्यप, दलकश्यप, सुभाष कश्यप, राम कुमार कश्यप, सतपाल कश्यप, दयानन्द कश्यप, अमर सिंह कश्यप, शिवपाल कश्यप, बलदेव कश्यप, रामफल कश्यप, शिशपाल कश्यप, पालेराम कश्यप, सुभाष कश्यप, पालाराम कश्यप आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।