शनिवार, 22 मई 2010

जिला प्रधान राजेश कश्यप के नेतृत्व में सभा की जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा निर्माणाधीन धर्मशाला, महम में ‘कार-सेवा’ की गई

जिला प्रधान राजेश कश्यप के नेतृत्व में सभा की जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा निर्माणाधीन धर्मशाला, महम में ‘कार-सेवा’ की गई

२१ मई महम (रोहतक)।

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा आगामी २४ मई, सोमवार को ‘सृष्टि के सृजक एवं प्रमुख सप्तऋषि महर्षि कश्यप जी’ की जयन्ती निर्माणाधीन कश्यप राजपूत धर्मशाला, फरमाणा मोड़, महम में बड़ी धूमधाम से मनाई जाएगी। यह जानकारी देते हुए सभा के प्रधान राजेश कश्यप ने आगे बताया कि जयन्ती के मद्देनजर ही सभा की जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा निर्माणाधीन धर्मशाला, महम  में ‘कार-सेवा’ की गई । इस ‘कार-सेवा’ में जिला प्रधान राजेश कश्यप के नेतृत्व में जयभगवान कश्यप, प्रदीप कश्यप, सत्यवान कश्यप, सुरेश कश्यप, बलबीर कश्यप, मनजीत सिंह दहिया, राधेश्याम कश्यप, रामलाल कश्यप, बसन्त कश्यप, रमेश कश्यप, बीर सिंह कश्यप, राम अवतार कश्यप, मामन कश्यप, रामेश्वर कश्यप, रामकुमार कश्यप, शम्भू दयाल कश्यप, अमित कश्यप आदि ने बढ़चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर राधे श्याम कश्यप को महम ब्लॉक का नया प्रधान नियुक्त किया गया।
"कार-सेवा" में हमारे पदाधिकारी सदस्यों एवं अन्य लोगों ने किस कद्र मेहनत की इसको तस्वीरों में देखिये :












अख़बारों में प्रकाशित समाचारों कि कटिंग्स

दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र

दैनिक जागरण  समाचार पत्र

बुधवार, 19 मई 2010

‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में आप सब सादर आमंत्रित हैं


सृजक एवं प्रमुख सप्तऋषि’ महर्षि कश्यप जी
प्यारे भाईयो एवं बहनों ! जय महर्षि कश्यप जी की। आपको यह जानकर अति हर्ष होगा कि इस बार ‘सृष्टि के सृजक एवं प्रमुख सप्तऋषि’ महर्षि कश्यप जी की जिला-स्तरीय जयन्ती का आयोजन दिनांक २४ मई, २०१० (सोमवार) को सुबह ९:०० बजे निर्माणाधीन कश्यप राजपूत धर्मशाला, फरमाणा मोड़, महम (रोहतक) में किया जा रहा है।

अत: आप सभी भाईयों, बहनों, माताओं और बुजुर्गों से नम्र निवेदन है कि कृपा करके सही समय पर ‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में सपरिवार पहुंचे  और मंगलमय कार्यक्रमों व पूजा-पाठ में सक्रिय भाग लें। कृपया महर्षि कश्यप जी के नाम पर सभी जरूरी कामधन्धे छोड़कर अपनी सद्भक्ति, समाज के प्रति अटूट निष्ठा, सामाजिक एकता व सौहार्द एवं समाजसेवी भावना का परिचय दें।

इस बार ‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में समाज की सभी समस्याओं पर गहन विचार-मन्थन किया जाएगा और उसके समाधान के उपाय किये जाएंगे। अत: आप समाज के समक्ष अपनी समस्या को सांझा करने के लिए जरूर आएं। अगर आपका स्नेह, सहयोग एवं मार्गदर्शन मिला तो समस्या का समाधान भी निकाला जाएगा।

‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर गहन-विचार मन्थन होगा :-

१. कश्यप समाज गरीबी की दलदल से कैसे निकल सकता है?

२. कश्यप समाज के बच्चों को नौकरियां क्यों नहीं मिल रही है?

३. कश्यप समाज को राजनीतिक भागीदारी क्यों नहीं है?

४. बेरोजगारी की समस्या से कैसे निपटा जाए?

५. कश्यप समाज को पिछड़े वर्ग की सरकारी योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ क्यों नहीं मिल रहा है?

६. गरीब, असहाय, पीड़ित, विधवाओं, एवं लाचार लोगों@परिवारों की आर्थिक मदद कैसे हो?

प्यारे भाई व बहनों! इस प्रकार की हर समस्या से अवगत करवाने अथवा इन समस्याओं के हल के लिए सुझाव देने के लिए ‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में सही समय पर हर हाल में पहुंचने का कष्ट करें।

आपका ‘महर्षि कश्यप जयन्ती समारोह’ में बेसब्री से इंतजार रहेगा.....धन्यवाद सहित..जय महर्षि कश्यप जी।

निवेदक :

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक

मो. ९४१६६२९८८९





मंगलवार, 18 मई 2010

‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ के सन्दर्भ में आवश्यक सूचनाएं।

आदरणीय कश्यप भाई,
सादर  नमस्कार .

सर्वप्रथम आपको एवं आपके समस्त परिवार को ‘महषि कश्यप जयन्ति’ पर ढ़ेरों-ढ़ेरों हार्दिक बधाईयां।

आपको यह जानकर अति हर्ष होगा कि आपके असीम स्नेह, सहयोग एवं मार्गदर्शन के चलते हमारा कश्यप समाज रोहतक सराहनीय कार्यों के लिए पूरे हरियाणा प्रदेश में प्रथम स्थान पर गिना जाने लगा है। यह सब आपकी समाज के प्रति लगन, निष्ठा एवं कत्र्तव्यपरायणता का फल है। पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप कश्यप समाज की सेवा निरन्तर कन्धे से कन्धा मिलाकर करते रहेंगे।

कश्यप समाज के उत्थान के लिए हमारी आगामी योजनाएं इस प्रकार हैं :

१. हम सबने ९ मई, २०१० की रोहतक में आयोजित आपातकालीन बैठक में निर्णय लिया था कि हम ‘महर्षि कश्यप कल्याण कोष’ के के तहत आपातकाल में गरीबों, असहायों एवं पीड़ितों के लिए चन्दा जुटाएंगे। अत: कोष के लिए प्रस्तावित ‘चन्दा रसीदें’ (पचास रसीद बुक) छपवा दी गई हैं और प्रत्येक पदाधिकारी को दो -दो रसीद बुकें दी जा रही हैं। आपसे नम्र अनुरोध है कि आप अपने स्तर पर तुरन्त चन्दा इक्कठा करना शुरू कर दें। चन्दा छत्तीस बिरादरी के किसी भी व्यक्ति से उसकी श्रद्धा के अनुसार लिया जा सकता है।

२. इस बार प्रदेश स्तरीय ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ कुरूक्षेत्र धर्मशाला में २३ मई, २०१० को मनाई जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से सांसद डा. रामप्रकाश, विधायक नवीन जिन्दल, विधानसभाध्यक्ष श्री हरमोहिन्दर सिंह चड्ढ़ा आदि को आमंत्रित किया गया है। अत: आप अपनी सुविधानुसार २३ मई को अपनी कुरूक्षेत्र धर्मशाला में सुबह ९ बजे पहुंचने का कष्ट करें।

३. २४ मई, २०१० को ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ जिला स्तर पर भी मनाई जाएगी। जिला रोहतक का कार्यक्रम महम में फरमाणा-सैमाण मोड़ पर स्थित निर्माणाधीन ‘महर्षि कश्यप धर्मशाला’ में आयोजित किया जाएगा। अत: आप सबसे नम्र अनुरोध है कि २१ मई, २०१० (शुक्रवार) को धर्मशाला में ‘कार-सेवा’ के लिए पधारें, ताकि हमारे समाज की धर्मशाला अच्छी नजर आए और महर्षि कश्यप जी की हम पर मेहर बने।

४. २० अपै्रल, २०१० को धर्मशाला, कुरूक्षेत्र की बैठक के निर्णय के अनुसार इस बार ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ के पावन पर्व पर अपने घरों में दीप-मोमबत्तियाँ-लड़ियां वगैरह जरूर जलाएं, ताकि सबको पता लगे हमारे महर्षि कश्यप जी की जयन्ति कब होती है और क्यों होती है?

५. हमें जहाँ पर भी मौका मिले प्रशासन एवं सरकार से मांग करें कि प्रतिवर्ष २४ मई को ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ का सार्वजनिक अवकाश किया जाए।

६. अपने कश्यप समाज की सम्पूर्ण गतिविधियों से रूबरू होने के लिए अपने समाज का ब्लॉग http://www.kashyapsamaj.blogspot.com/  इंटरनेट पर हर १० दिन बाद जरूर देखने अथवा दिखवाने की कोशिश करें, क्योंकि इस ब्लॉग पर समाज से संबंधित हर योजना, जानकारी, कार्यक्रम, गतिविधियां एवं परामर्श प्रकाशित किये जाते हैं।

पूर्ण आशा एवं विश्वास है कि कश्यप समाज के उत्थान में आप उपर्युक्त गतिविधियों में अपना बढ़चढ़कर योगदान देंगे और कश्यप समाज को ऊँचाइयों  पर स्थापित करेंगे। इसी आशा एवं विश्वास के साथ,

धन्यवाद सहित.....

आपका स्नेहाकांक्षी,
(राजेश कश्यप)
प्रधान,
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक.

सोमवार, 17 मई 2010

सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप / -राजेश कश्यप

२४ मई/महर्षि कश्यप जयन्ति विशेष


सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप
सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप
(राजेश कश्यप)
सृष्टि के सृजक सप्तऋषि महर्षि कश्यप ब्रह्मा  जी के मानस-पुत्र और मरीची ऋषि के महातेजस्वी पुत्र थे। इन्हें अरिष्टनेमी के नाम से भी जाना जाता था। महर्षि कश्यप की माता का नाम कला था, जोकि कर्दम ऋषि की पुत्री और कपिल देव की बहन थी। मुनिराज कश्यप पिंघले हुए सोने जैसे महातेजस्वी थे। उनकी जटाएं अग्नि-ज्वालाएं जैसी थीं। महर्षि क’यप ऋषि-मुनियों में श्रेष्ठ माने जाते थे। सुर-असुरों के मूल पुरूष मुनिराज कश्यप का आश्रम मेरू पर्वत के ’िाखर पर था, जहां वे परब्रहा्रा परमात्मा के ध्यान में मग्न रहते थे। उनका अखण्ड तप, अलौकिक ज्ञान, धर्मनिष्ठा, परोपकारिता, अद्भूत तेज आदि समस्त लोकों में गुंजायमान था। सृष्टि की सृजना में महर्षि कश्यप जी का अनूठा एवं उल्लेखनीय योगदान था।
पौराणिक सन्दर्भों के अनुसार सृष्टि की रचना करने के लिए ब्रहा्राण्ड में सर्वप्रथम भगवान ब्रहा्रा जी प्रकट हुए। ब्रहा्रा जी के दाएं अंगूठे से दक्ष प्रजापति हुए। ब्रहा्रा जी के अनुनय-विनय पर दक्ष प्रजापति ने अपनी पत्नी असिक्रि के गर्भ से ६० कन्याएं पैदा कीं। इन कन्याओं में से १३ कन्याएं महर्षि कश्यप की पत्नियां बनीं। मुख्यत: इन्ही कन्याओं से सृष्टि का सृजन हुआ और महर्षि क’यप सृष्टि के सृजक बने। महर्षि क’यप सप्तऋषियों में प्रमुख माने गए हैं। सप्तऋषियों की पुष्टि श्री विष्णु पुराण में इस प्रकार होती है :-
वसिष्ठ: काश्यपो∙यात्रिर्जमदग्निस्सगौतम:।
विश्वामित्रभरद्वाजौ सप्त सप्तर्षयो∙भवन्।।
(अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं - वसिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज।)
श्रीमद्भागवत के छठे अध्याय के अनुसार दक्ष प्रजापति ने अपनी साठ कन्याओं मंे से दस कन्याओं का विवाह धर्म के साथ, तेरह कन्याओं का विवाह महर्षि कश्यप के साथ, सत्ताईस कन्याओं का विवाह चन्द्रमा के साथ, दो कन्याओं का विवाह भूत के साथ, दो कन्याओं का विवाह अंगीरा के साथ, दो कन्याओं का विवाह कृशाश्व के साथ और शेष चार कन्याओं का विवाह भी ताक्ष्र्यधारी कश्यप के साथ ही कर दिया। इस प्रकार महर्षि कश्यप की अदिति, दिति, दनु, काष्ठा, अरिष्टा, सुरसा, इला, मुनि, क्रोधवशा, ताम्रा, सुरभि, सुरसा, तिमि, विनता, कद्रू, पतांगी और यामिनि आदि पत्नियां बनीं।
महर्षि कश्यप ने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से बारह आदित्य पैदा किए, जिनमें सर्वव्यापक देवाधिदेव नारायण का वामन अवतार भी शामिल था। श्री विष्णु पुराण के अनुसार :
मन्वन्तरे∙त्र सम्प्राप्ते तथा वैवस्वतेद्विज।
वामन: कश्यपाद्विष्णुरदित्यां सम्बभुव ह।।
त्रिमि क्रमैरिमाँल्लोकान्जित्वा येन महात्मना।
पुन्दराय त्रैलोक्यं दत्रं निहत्कण्टकम्।।
(अर्थात्-वैवस्वत मन्वन्तर के प्राप्त होने पर भगवान् विष्णु कश्यप जी द्वारा अदिति के गर्भ से वामन रूप में प्रकट हुए। उन महात्मा वामन जी ने अपनी तीन डगों से सम्पूर्ण लोकों को जीतकर यह निष्कण्टक त्रिलोकी इन्द्र को दे दी थी।)
पौराणिक सन्दर्भो के अनुसार चाक्षुष मन्वन्तर में तुषित नामक बारह श्रेष्ठगणों ने बारह आदित्यों के रूप में महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से जन्म लिया, जोकि इस प्रकार थे -विवस्वान्, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरूण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम (भगवान वामन)। महर्षि कश्यप के पुत्र विवस्वान् से मनु का जन्म हुआ। महाराज मनु को इक्ष्वाकु, नृग, धृष्ट, शर्याति, नरिष्यन्त, प्रांशु , नाभाग, दिष्ट, करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।
महर्षि कश्यप ने दिति के गर्भ से परम् दुर्जय हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष नामक दो पुत्र एवं सिंहिका नामक एक पुत्री पैदा की। श्रीमद्भागवत् के अनुसार इन तीन संतानों के अलावा दिति के गर्भ से कश्यप के ४९ अन्य पुत्रों का जन्म भी हुआ, जोकि मरून्दण कहलाए। कश्यप के ये पुत्र नि:संतान रहे। देवराज इन्द्र ने इन्हें अपने समान ही देवता बना लिया। जबकि हिरण्याकश्यप को चार पुत्रों अनुहल्लाद, हल्लाद, परम भक्त प्रहल्लाद, संहल्लाद आदि की प्राप्ति हुई।
महर्षि कश्यप को उनकी पत्नी दनु के गर्भ से द्विमुर्धा, शम्बर, अरिष्ट, हयग्रीव, विभावसु, अरूण, अनुतापन, धुम्रकेश, विरूपाक्ष, दुर्जय, अयोमुख, शंकुशिरा, कपिल, शंकर, एकचक्र, महाबाहु, तारक, महाबल, स्वर्भानु, वृषपर्वा, महाबली पुलोम और विप्रचिति आदि ६१ महान् पुत्रों की प्राप्ति हुई। रानी काष्ठा से घोड़े आदि एक खुर वाले पशु उत्पन्न हुए। पत्नी अरिष्टा से गन्धर्व पैदा हुए। सुरसा नामक रानी की कोख से यातुधान (राक्षस) उत्पन्न हुए। इला से वृक्ष, लता आदि पृथ्वी में उत्पन्न होने वाली वनस्पतियों का जन्म हुआ। मुनि के गर्भ से अप्सराएं जन्मीं। कश्यप की क्रोधवशा नामक रानी ने साँप, बिच्छु आदि विषैले जन्तु पैदा किए। ताम्रा ने बाज, गीद्ध आदि शिकारी पक्षियों को अपनी संतान के रूप में जन्म दिया। सुरभि ने भैंस, गाय तथा दो खुर वाले पशुओं की उत्पति की। रानी सरसा ने बाघ आदि हिंसक जीवों को पैदा किया। तिमि ने जलचर जन्तुओं को अपनी संतान के रूप में उत्पन्न किया।
महर्षि कश्यप ने रानी विनता के गर्भ से गरूड़ (भगवान विष्णु का वाहन) और वरूण (सूर्य का सारथि) पैदा किए। कद्रू की कोख से अनेक नागों का जन्म हुआ। रानी पतंगी से पक्षियों का जन्म हुआ। यामिनी के गर्भ से शलभों (पतिंगों) का जन्म हुआ। ब्रहा्रा जी की आज्ञा से कश्यप ने वैश्वानर की दो पुत्रियों पुलोमा और कालका के साथ भी विवाह किया। उनसे पौलोम और कालकेय नाम के साठ हजार रणवीर दानवों का जन्म हुआ जोकि कालान्तर में निवातकवच के नाम से विख्यात हुए।
मुनिराज कश्यप नीतिप्रिय थे और वे स्वयं भी धर्म-नीति के अनुसार चलते थे और दूसरों को भी इसी नीति का पालन करने का उपदेश देते थे। उन्होने अधर्म का पक्ष कभी नहीं लिया, चाहे इसमें उनके पुत्र या पत्नियां ही क्यों न शामिल हों। महर्षि कश्यप राग-द्वेष रहित, परोपकारी, चरित्रवान और प्रजापालक थे। वे निर्भिक एवं निर्लोभी थे। कश्यप मुनि निरन्तर धर्मोपदेश करते थे, जिनके कारण उन्हें श्रेष्ठतम उपाधि हासिल हुई। समस्त देव, दानव एवं मानव उनकी आज्ञा का अक्षरश: पालन करते थे। महर्षि कश्यप के अनुसार, ‘दान, दया और कर्म-ये तीन सर्वश्रेष्ठ धर्म हैं और बिना दान सब कार्य व तप बेकार हैं।’ महर्षि कश्यप हिंसा, अधर्म, असत्य, अनाचार, शोषण, अत्याचार, अहंकार, काम-वासना, ईष्र्या, द्वेष, लालच, फरेब आदि ‘तामसिक’ प्रवृतियां त्यागकर अहिंसा, धर्म, परोपकारिता, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा जैसी ‘सात्विक’ प्रवृतियां अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। महर्षि कश्यप की असीम कृपा एवं अलौकिक ज्ञान के कारण ही राजा नरवाहनदत्त चक्रवर्ती राजा की श्रेष्ठ पदवी प्राप्त कर सका। महर्षि कश्यप अपने श्रेष्ठ गुणों, प्रताप एवं तप के बल पर श्रेष्ठतम महानुभूतियों में गिने जाते थे।

महर्षि कश्यप ने समाज को एक नई दिशा देने के लिए ‘स्मृति-ग्रन्थ’ जैसे महान् ग्रन्थ की रचना की। इसके अलावा महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप-संहिता’ की रचना करके तीनों लोकों में अमरता हासिल की। महर्षि कश्यप द्वारा संपूर्ण सृष्टि की सृजना में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की यशोगाथा हमारे वेदों, पुराणों, स्मृतियों, उपनिषदों एवं अन्य अनेक धार्मिक साहित्यों में भरी पड़ी है। ऐसे महातेजस्वी, महाप्रतापी, महाविभूति, महायोगी, सप्तऋषियों में महाश्रेष्ठ व सृष्टि सृजक महर्षि क’यप जी को पदम-पदम नमन््! (महर्षि कश्यप जी का फोटो संलग्न है।)(लेखक हरियाणा कश्यप राजपूत सभा द्वारा स्थापित ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैल के ‘चेयरमैन’ हैं।’)

(राजेश कश्यप)
स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं समीक्षक
स्थायी पता :
राजेश कश्यप
स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं समीक्षक,
गाँव. टिटौली, जिला. रोहतक (हरियाणा)
मोबाईल. नं. ०९४१६६२९८८९

बुधवार, 12 मई 2010

राजेश कश्यप ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैल’ के चेयरमैन एवं ‘प्रदेश मीडिया प्रवक्ता’ नियुक्त


राजेश कश्यप ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैल’ के चेयरमैन एवं ‘प्रदेश मीडिया प्रवक्ता’ नियुक्त
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप को तत्काल प्रभाव से नवगठितसाहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैलके चेयरमैन एवंप्रदेश मीडिया प्रवक्तापद पर नियुक्त किया गया है। यह जानकारी देते हुए कश्यप समाज के सरपरस्त बलजीत सिंह मतौरिया ने आगे बताया कि राजेश कश्यप, टिटौली को उनकी अत्यन्त सराहनीय सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर चेयरमैन जैसे गौरवमयी पद पर नियुक्त किया गया है और समाज के प्रति उनकी अटूट लग्न, निष्ठा एवं समर्पण भावना को देखते हुए ही प्रदेश के मीडिया प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री मतौरिया ने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राजेश कश्यप रोहतक जिले के प्रधान पद के साथ साथ समाज द्वारा दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारियों को भी पूर्व की भांति बखूबी निभाएंगे और समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
सभा के प्रदेशाध्यक्ष देशराज कश्यप ने राजेश कश्यप की नई नियुक्तियों का अनुमोदन कर दिया है और खुशी व्यक्त की है कि समाज के गौरव राजेश कश्यप को गौरवमयी पदों पर नियुक्तियां मिली हैं। राजेश कश्यप की नई नियुक्तियों का प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी एवं जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि वे अपनी प्रतिभा के बल पर समस्त समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम करेंगे। रोहताश कश्यप, महेन्द्र सिंह कश्यप, बलबीर कश्यप, कृष्ण चन्द्र कश्यप, प्रदीप कश्यप, गंगा सिंह कश्यप, सुरेन्द्र कश्यप, ओमवीर कश्यप, ईश्वर कश्यप, रामलाल कश्यप, अन्नू कश्यप, जयभगवान कश्यप, सत्यवान कश्यप, प्रवीन कश्यप, जगबीर कश्यप, मनोज कश्यप, करतार सिंह कश्यप आदि कश्यप समाज के सभी गणमान्य व्यक्तियों ने राजेश कश्यप को हार्दिक बधाईयां एवं शुभकामानाएं दी हैं।
नई नियुक्तियों के लिए राजेश कश्यप ने हरियाणा कश्यप समाज का हार्दिक धन्यवाद किया और पूर्ण विश्वास दिलाया कि वे तन, मन, धन से दिनरात समाज की अटूट सेवा करते रहेंगे। राजेश कश्यप ने बताया कि उनके प्रमुख लक्ष्य कश्यप समाज के हर घर हर व्यक्ति तक पहुंचना, उनके दु:-दर्द को बांटना, समाज को एकजूट करना, समाज का छिपा हुआ गौरवमयी साहित्य सबके सामने लाना, समाज को कुरीतियों अंधविश्वासों से छुटकारा दिलवाना, समाज में व्याप्त गरीबी, बेकारी बेरोजगारी को दूर करना, समाज को राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक तौरपर मजबूत बनाना, समाज सरकार में समन्वय स्थापित करना आदि हैं।



सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया द्वारा जारी किया गया नियुक्ति पत्र



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समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों की तिंग्स












सोनीपत उपायुक्त को भारतीय घुमन्तु-बेघर-किसान-कमेरा संघर्ष समिति (भारत) ने सोनीपत उपायुक्त को दिया अत्यंत चेतावनी भरा ज्ञापन

ज्ञापन


सेवा में,
श्रीमान् उपायुक्त सोनीपत।
श्रीमान् जी, गाँव बादशाहपुर माछरी में सामलात भूमि में बने मकान को तोड़कर बेघर करना प्रशासन की गैर जिम्मेदाराना हरकत करना प्रशासन को शोभा नहीं देता। हम जनबा से जानना चाहते हैं कि क्या सामलात भूमि केवल प्रभावी लोगों की होकर रह गई है! कश्यप जाति से सम्बन्ध रखने वाले सतीश, सुरेन्द्र, सुदेश का आशियाना उजाड़कर प्रशासन ने तानाशाही दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ! हम जनाब से जानना चाहते हैं कि कोर्ट का नोटिस कम से कम १५ दिन पहले क्यों नहीं भेजा गया ताकि हम नोटिस का जवाब देते। जिला उपायुक्त अजीत बाला जी जोशी से हम मांग करते हैं कि जितना भी नुकसान कश्यप परिवार को हुआ है, उसका मुआवजा तुरन्त प्रभाव से दिया जाए, नही तो समिति कड़े रूख का सामना करने की हिम्मत प्रशासन रखे। समिति का फर्ज है, बेघरों को उनके घर दिलाना, ना कि उजड़वाने। जिन लोगों के कहने से ये परिवार उजाड़ा गया है , इस परिवार को तुरन्त प्रभाव से वहां बसाने का काम प्रशासन करे। हम जनाब की काफी इज्जत करते हैं। आशा करते हैं कि मोहाना थाने में तुरन्त प्रभाव से फोन किया जाए, कश्यप परिवर की तरफ आंख उठाकर ना देखे नही ंतो हम अपनी सीमा व समय सब पार कर देंगे और प्रशासन को ही नहीं पुलिस अधिकारियों को भी बता देंगे कि उनके फर्ज क्या हैं? पुलिस और प्रशासन दोनों ही जनता जनार्दन के रखवाले हैं। गांव की सामलात भूमि हर ३६ बिरादरी की है। सामलात भूमि पर हर ३६ बिरादरी का हक हैं आज कश्यप परिवार को उजाड़ कर प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलीभगत करके ये दिखा दिया कि सभी के सभी गरीबों के दुश्मन हैं। ना कि हितैषी। मैं पुष्पेन्द्र कौर उल्देपुर प्रशासन को चेताना चाहती हूँ कि इस गरीब परिवार को एक सप्ताह के अन्दर बसा दिया जाए। इनका जो भी घाटा हुआ है, वो पूरा किया जाए, नही ंतो १७ मई को जो कुछ भी समिति करेंगी, उसका जिम्मेवार सोनीपत प्रशासन होगा। समिति आपसे कोई भीख नहीं अपना हक माँगती है और जो अपना हक मांगते हैं, वो अपना हम छीनना भी जानते हैं।

धन्यवाद

प्रार्थी
पुष्पेन्द्र कौर उल्देपुर
हस्ताक्षर

कुलविन्द्र कौर, यश, रोशनी देवी, सीताराम, प्रेम, नान्हना, सुदेश, धर्मपाल, अनीता देवी पंच, दर्शना, अनारकली।

उपर्युक्त ज्ञापन की छाया प्रति प्रस्तुत है :-

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा प्रतिनिधि मण्डल ने पीड़ित परिवार के साथ मुख्यमन्त्री के समक्ष दु:खड़ा रोया, मुख्यमन्त्री ने दिया मदद को पूर्ण आश्वासन

१० मई, नई दिल्ली।
आज प्रात: १० बजे ‘बादशाहपुर-माछरी मामले’ के सन्दर्भ में हरियाणा कश्यप राजपूत सभा का २१ सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल पीड़ित परिवार के साथ ९, पं. पंन्तमार्ग कार्यालय में हरियाणा के माननीय मुख्यमन्त्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के समक्ष पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय दिलाने एवं आर्थिक मदद प्रदान करने का ज्ञापन लेकर उपस्थित हुआ। माननीय मुख्यमन्त्री ने प्रतिनिधि मण्डल एवं पीड़ित परिवार के सदस्यों की फरियाद बड़ी गम्भीरता से लगभग १० मिनट तक सुनी और ज्ञापन एवं मांगों के सन्दर्भ में तुरन्त कार्यवाही करने और पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने का पूरा आश्वासन दिया और तत्काल मामले के सन्दर्भ में तत्काल उपायुक्त सोनीपत से रिपोर्ट तलब करने के आदेश दिये। प्रतिनिधि मण्डल एवं पीड़ित परिवार जिस आशा एवं विश्वास के साथ माननीय मुख्यमन्त्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के पास गया था, वो मुख्यमन्त्री के पूर्ण आश्वासन से संतुष्ट होकर वापिस लौट आया।

प्रतिनिधि मण्डल में हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के कार्यकारी अध्यक्ष सुन्दर सिंह कश्यप, रोहतक जिले के प्रधान राजेश कश्यप, रोहतक ब्लॉक के प्रधान महेन्द्र सिंह कश्यप, ब्लॉक बापौली (पानीपत) के उपप्रधान पे्रम कश्यप, सोनीपत जिले के प्रधान जयभगवान कश्यप, सोनीपत के गंगा सिंह कश्यप, गढ़ी सराय के धर्मपाल कश्यप, भैंसवाल के ताराचन्द नम्बरदार, मुन्शीराम, सूबे सिंह के अलावा पीड़ित परिवार से ओमबीर, सुरेन्द्र, धनपति, सुनीता, पूनम, सावित्रि, पतौरी, आंचल, हिमांशी, आरती, साहिल, रोहित व अजय आदि शामिल थे।

ज्ञापन


सेवा में,
चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जी,
माननीय मुख्यमन्त्री,
हरियाणा सरकार।

विषय : ‘बादशाहपुर-माछरी’ के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने एवं आर्थिक मदद दिलवाने हेतु।

श्रीमान् जी,

सविनय निवेदन है कि गत माह २० अपै्रल, २०१० को बादशाहपुर माछरी के एक अति गरीब पिछड़े क’यप परिवार के मुखिया श्री ईश्वर सिंह सुपुत्र श्री शीशराम के मकान को श्री भीम सिंह सुपुत्र श्री रूपचन्द जैसे कुछ दबंग लोगों ने सुनियोजित षड़यन्त्र के तहत मुकदमें में हराकर बिना किसी अदालती नोटिस दिए उनकी अनुपस्थिति में जे.सी.बी. मशीनों से ढ़हा दिया और मकान का सारा सामान मिट्टी में मिला दिया और कीमती सामान लूट लिया।

महोदय,

तब से लेकर आज तक पीड़ित परिवार के मुखिया अपनी पत्नी के अलावा तीन शादीशुदा लड़कों, उनकी पत्नियों एवं बच्चों सहित २० सदस्यीय परिवार को लेकर गाँव के बाहर गन्दगी में झाड़ियों के बीच पड़ा हुआ है। आज पीड़ित परिवार दाने-दाने को लेकर मोहताज बना हुआ है। बच्चों का वर्दी, कापी, किताब, फीस के अभाव में स्कूल में दाखिला भी नहीं हो पाया है। प्रशासनिक तौरपर इनकी अब तक कोई मदद नहीं की गई है।

अत: मुख्यमन्त्री महोदय, हरियाणा कश्यप समाज आपसे बड़ी मार्मिक अपील करता है कि दबंगों द्वारा बेघर व बर्बाद किए गए पीड़ित परिवार को शीघ्रातिशीघ्र न्याय दिलवाएं, दोषी दबंगों एवं मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त सजा दें, पीड़ित परिवार का मकान बनवाएं और उसकी आर्थिक तौरपर करें।

मुख्यमन्त्री महोदय,

समस्त कश्यप समाज को आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप समाज की माँगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही करेंगे। इसी आशा एवं विश्वास के साथ,

धन्यवाद सहित,
आपका शुभाकांक्षी,
-प्रतिनिधि मण्डल,
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा,
एवं पीड़ित परिवार।



हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के सरपरस्त श्री बलजीत मतौरिया द्वारा माननीय मुख्यमन्त्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को दिये गये मांग पत्र का छायाचित्र


हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के प्रतिनिधि मण्डल एवं पीड़ित परिवार द्वारा माननीय मुख्यमन्त्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को दिये गये ज्ञापन का छायाचित्र



हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुन्दर सिंह द्वारा माननीय मुख्यमन्त्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को दिये गये ज्ञापन का छायाचित्र