रविवार, 4 दिसंबर 2011

11 दिसम्बर, 2011 को होगा ‘पिछड़ा वर्ग सामाजिक एकता रैली’ का आयोजन



प्यारे भाईयो और बहनों,
सादर नमस्कार।

पिछड़ा वर्ग के अधिकारों और चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करने और पिछड़ा वर्ग की आवाज को बुलन्द करने के लिए आगामी 11 दिसम्बर, 2011 को प्रात: 11 बजे, जिला रोहतक में पशु मेला ग्राऊण्ड, गोहाना रोड़, नजदीक वीटा मिल्क प्लांट के स्थान पर ‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच’ के तत्वाधान में ‘पिछड़ा वर्ग सामाजिक एकता रैली’ का आयोजन होने जा रहा है। इसकी अध्यक्षता ‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच, हरियाणा’ के अध्यक्ष एडवोकेट अनिल सैनी जी करेंगे और इसमें हरियाणा के पिछड़ा वर्ग के गणमान्य लोग, नेता एवं पदाधिकारी भी भाग लेंगे।

इस रैली में पिछड़ा वर्ग से संबंधित तमाम मुद्दों पर व्यापक विचार मंथन होगा और विकास की दिशा में बेहद सार्थक चिन्तन होगा। इस आयोजन में आपको सहर्ष आमंत्रित किया जाता है। पिछड़ा वर्ग का अच्छा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए आपकी उपस्थिति अति अनिवार्य है। अत: आप अपने साथियों के साथ इस रैली में जरूर उपस्थित हों। रैली से संबंधित विवरण नीचे दिया गया है :- 


आपका हार्दिक धन्यवाद् एवं आभार.  

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011

फ्री में कम्प्यूटर कोर्स करो और तुरन्त रोजगार पाओ

कैरियर सूचना

फ्री में कम्प्यूटर कोर्स करो और तुरन्त रोजगार पाओ।


सभी भाई-बहनों को सादर नमस्कार।

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के अलावा हरियाणा प्रदेश के स्थाई निवासियों को सूचित किया जाता है कि समाज में जो भी लड़का अथवा लड़की गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से संबंध रखता है और दसवीं पास कर चुका है, उन्हें इस अत्यन्त लाभकारी रोजगारदायक योजना का लाभ जरूर दिलवाएं।
 
योजना :
इस योजना के तहत नि:शुल्क 3 महीने का जॉब ओरियन्टल कम्प्यूटर कोर्स करवाया जाएगा। कोर्स करने के उपरान्त प्राइवेट सैक्टर में सौ प्रतिशत नौकरी लगवाई जाएगी।


फीस :
कोई भी फीस नहीं लगेगी।


योग्यता :

1. दसवीं पास हो।

2. गरीबी की रेखा से नीचे हो।

3. हरियाणा  का स्थाई निवासी  हो।


 

सुविधाएं :

1.कोर्स करने वाले लड़के/लड़की के रिहायशी स्थान के नजदीकी केन्द्र में ट्रेनिंग  करवाने की कोशिश की जाएगी।

2. हॉस्टल में रहने की फ्री सुविधा दी जाएगी।

3. कोर्स से संबंधित किताबें व कापिंया Ýी में मिलेंगी।

4. एक माह बाद वजीफा भी दिया जाएगा।

5. कोर्स पूरा होने के बाद प्राईवेट नौकरी दिलवाने की व्यवस्था की जाएगी।
 
अंतिम तिथि :

जितना जल्दी संभव हो सके, कोर्स में दाखिला लें।


अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें :


राजेश कश्यप

(प्रधान, हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक)

मोबाईल नं. 09416629889




सोमवार, 28 नवंबर 2011

जिला स्तरीय जागरूकता समारोह गुड़गाँव में आयोजित

राजेश कश्यप
28  नवम्बर.
गत 27  नवम्बर, 2011  रविवार  को हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की एक जिला स्तरीय जागरूकता समारोह गुड़गाँव में आयोजित किया गया। समारोह के अध्यक्ष जिला प्रधान राजेन्द्र कश्यप और मुख्य अतिथि सभा के कार्यकारी प्रधान सुन्दर सिंह कश्यप थे। समारोह में सभी वक्ताओं ने कश्यप समाज के विकास से संबंधित अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। समारोह में कश्यप समाज की समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बुधवार, 31 अगस्त 2011

4 सितम्बर (रविवार) को गाँव किलोई पहुंचें

4 सितम्बर (रविवार) को गाँव किलोई पहुंचें



आदरणीय कश्यप जी,

सादर नमस्कार।

पूर्ण आशा व विश्वास है कि आप भगवान की असीम कृपा से सपरिवार स्वस्थ एवं आनंद से होंगे।
आगे समाचार यह है कि आगामी 4 सितम्बर, 2011 (रविवार) को प्रात: 10 बजे गाँव किलोई (रोहतक) में ‘हरियाणा पिछड़ा वर्ग एकता मंच’ के तहत पिछड़ा वर्ग की 76 बिरादरियों की एक जनसभा होने जा रही है। इसमें मंच के प्रधान श्री अनिल सैनी ने कश्यप समाज को भी सादर आमंत्रित किया है। अत: आपसे नम्र निवेदन है कि कृपा करके समय निकालकर इस जनसभा में अपने पिछड़ा वर्ग के साथियों के साथ जरूर पहुँचे और पिछड़ा वर्ग के हकों को हासिल करने के लिए चल रहे अभियान को मजबूती प्रदान करने में अपना अहम योगदान दें।

आप इस बात से जरूर सहमत होंगे कि पिछड़ा वर्ग निरन्तर पिछड़ता चला जा रहा है और उसके हक भी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछड़ा वर्ग को उचित राजनीतिक भागीदारी भी नहीं दी जा रही है। पिछड़ा वर्ग की सभी समस्याओं के समाधान एवं उसके उत्थान के लिए सभी पिछड़ी बिरादरियों को मिलाकर यह महामंच तैयार किया गया है। इसलिए हम सबको यह नैतिक फर्ज बनता है कि हम इस मंच के कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर अपना योगदान दें और पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए अपनी बात मजबूती से रखें।

आपसे पुन: नम्र निवेदन है कि आप अपने पिछड़ा वर्ग के सभी साथियों के साथ इस जनसभा में जरूर पहुंचे। बाकी बातें जनसभा में ही करेंगे। धन्यवाद सहित,

आपका,

(राजेश कश्यप)

मंगलवार, 23 अगस्त 2011

अण्णा के समर्थन में उतरीं हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की महिलाएं

अण्णा के समर्थन में उतरीं हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की महिलाएं


23 अगस्त, रोहतक।

अण्णा हजारे के समर्थन में हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक की महिलाओं ने भी अपनी आवाज बुलन्द की है। प्रधान राजेश कश्यप के मार्गदर्शन एवं श्रीमती सीमा कश्यप की अध्यक्षता में श्रीमती कैलाशो देवी, श्रीमती शरतल, श्रीमती भरपाई, श्रीमती उषा रानी, कुमारी नीलम, कविता, स्वाती, सुमित, अंतिम, गीता आदि ने अण्णा हजारे के समर्थन में प्रदर्शन किया और संकल्प लिया कि जब तक सरकार सख्त जन लोकपाल बिल नहीं लाती है, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा। सबने मिलकर अण्णा हजारे के अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रार्थना भी की।






समाचार पत्रों के आईने में .........    





  

सोमवार, 22 अगस्त 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने पौधारोपण करके किया अण्णा का समर्थन

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने पौधारोपण करके किया अण्णा का समर्थन

प्रधान राजेश कश्यप   

21 अगस्त, रोहतक।

"इससे पहले की बहुत देर हो जाए और देश का जन आक्रोश कोई नया मोड़ ले, उससे पहले सरकार को चेत जाना चाहिए और अण्णा को बातचीत के लिए बुलाने के साथ ही जन भावनाओं के अनुरूप तैयार लोकपाल बिल को बिना किसी पूर्वाग्रह संसद के पटल पर रखना चाहिए।" ये माँग हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने वरिष्ठ समाजसेवी अण्णा हजारे द्वारा चलाए जा रहे लोकपाल बिल आन्दोलन को पौधारोपण करके अपना समर्थन देते हुए की। टिटौली गाँव में स्थित सभा के कार्यालय में समाज के लोगों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान राजेश कश्यप ने की। प्रधान राजेश कश्यप ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि जिस प्रकार पर्यावरण बचाने के लिए पौधारोपण जरूरी है, उसी प्रकार देश को भ्रष्टचार से बचाने के लिए सख्त जन लोकपाल कानून बहुत जरूरी है।

सभा के सचिव जयभगवान कश्यप ने कहा कि भ्रष्टाचार से गरीब आदमी का जीना भी दुश्वार हो गया है। खंचाजी सत्यवान कश्यप ने कहा कि जब तक देश में भ्रष्टाचार रहेगा, देश व समाज तरक्की नहीं कर सकता। समाज के वरिष्ठ सदस्य महेन्द्र सिंह कश्यप ने कहा कि आज जन-जन को भ्रष्टाचार की इस मुहिम से जुड़ना चाहिए, तभी सत्ताधारी लोगांे को लोकतंत्र की ताकत का अहसास होगा। सीमा कश्यप ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ही गरीबों को न्याय, नौकरी और रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं।

इस अवसर पर प्रधान राजेश कश्यप ने बच्चों, युवाओं, महिलाओं और गणमान्य व्यक्तियों को तिरंगा, गाँधी टोपी आदि भी वितरीत किए। इसके साथ ही सभा के सदस्यों एवं गाँव के गणमान्य लोगों ने पौधारोपण करके संयुक्त रूप से अण्णा हजारे का समर्थन किया और भ्रष्टाचार की मुहिम में अपना समुचित योगदान देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर महेन्द्र सिंह, बलवान सिंह, जयभगवान, सत्यवान, राकेश, सोमबीर, रविन्द्र, सोनू, अनिल, मनोज, अन्नू, पवन, सूरज, सतीश, सुनील आदि ने भी अपने विचार रखे और एक स्वर में देश से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए सख्त लोकपाल कानून लाने व अण्णा हजारे का समर्थन करना समय की माँग बताया।











समाचारों के आईने में .........
 










मंगलवार, 16 अगस्त 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने किया निन्दा प्रस्ताव पारित

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा  रोहतक  ने किया निन्दा प्रस्ताव पारित

16 अगस्त, रोहतक।

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक ने वरिष्ठ समाजसेवी अण्णा हजारे एवं अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर गहरा रोष व्यक्त किया और कड़े शब्दों में सरकार की आलोचना करते हुए निन्दा प्रस्ताव पारित किया। इसके लिए सभा द्वारा आपातकाल बैठक का आयोजन किया गया और इसकी अध्यक्षता करते हुए सभा के जिला प्रधान राजेश कश्यप ने कहा कि जिस तरह से सरकार अहिंसात्मक आन्दोलन का दमन कर रही है, वह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का घोर अपमान है और इसे कतई बर्दास्त नहीं किया जा सकता। सभा के सभी सदस्यों जय भगवान, सत्यवान, अन्नू, धर्मेन्द्र, महेन्द्र, अजय, प्रदीप आदि ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है और सरकार जनहित लोकपाल बिल के नाम पर देश के साथ छलावा कर रही है। देश को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक सख्त लोकपाल बिल की आवश्यकता है। सभा के सभी सदस्यों ने अण्णा हजारे के आन्दोलन को अपना नैतिक समर्थन देने का फैसला भी किया।

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने धूमधाम से मनाया ‘तीज उत्सव’


झूले का आनंद लेती कश्यप समाज की महिलायें
2 अगस्त, रोहतक।
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक ने ‘तीज उत्सव’ बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर सभा के जिला प्रधान राजेश कश्यप ने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि यह सावन की तीज स्नेह, सौहार्द एवं समृद्धि की त्रिवेणी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को देश व समाज के हितार्थ इस त्रिवेणी में जरूर सराबोर हो जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमारा प्रत्येक पर्व हमारी संस्कृति एवं सभ्यता का परिचायक है। इसलिए हमें जाति-पाति, धर्म, मजहब, ऊंच-नीच आदि हर भेदभाव व संकीर्ण विचारधारा को त्यागकर सौहार्द भाव से सभी त्योहारों को हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। श्री कश्यप ने आगे कहा कि अपनी लोक संस्कृति एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए सभा द्वारा अब प्रतिवर्ष ‘तीज-उत्सव’ बड़े स्तर पर सामूहिक रूप से मनाया जाएगा।

तीज-उत्सव के अवसर पर महिलाओं ने मिलकर मेहन्दी रचाई और पारंपरिक लोकगीतों के साथ नृत्य किया। इसके अलावा सरसों के तेल से बने पकवान गुलगुले, सुहाली, पूड़े आदि भी बनाए गए। इसके साथ ही एक सामूहिक झूला डाला गया और सभी ने बारी-बारी से झूले का आनंद लिया।

इस अवसर पर सभा के सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे जब भी बारिश होगी, प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पौधा अवश्य लगाएगा, ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके और चारों तरफ खुशहाली का वातावरण बन सके।





तीज उत्सव मनातीं  एवं झूला झूलतीं कश्यप समाज की महियायें ...


समाचार पत्रों की नजर में ........




 
(दैनिक  भास्कर, आज समाचार, दैनिक हरिभूमि एवं   दैनिक जागरण समाचार पत्रों के पत्रकारों को इस स्नेह के लिए तहेदिल से आभार एवं धन्यवाद.
-राजेश कश्यप, प्रधान

मंगलवार, 21 जून 2011

जनता जाग चुकी, अब सत्ता की बारी / राजेश कश्यप

आदरणीय साथियो, सादर नमस्कार.
गत दिनों 20 जून, 2011 को दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र के सम्पादकीय पेज पर अपना एक विचारोतेजक लेख "जनता जाग चुकी, अब सत्ता की बारी"   प्रकाशित हुआ, जिसमें सरकार को सीधे-सीधे आगाह करने का प्रयास किया गया है की वो राजनीतिक पैंतरेबाजी छोड़कर जनता की उम्मीदों के मुताबिक एक सख्त लोकपाल बिल बनाये और भ्रष्टाचार के नासूर को मिटाने के लिए कठोर कदम उठाये. यदि सरकार जनता की भावनाओं का दमन करती रही तो देश में स्थिति एकदम भयंकर हो सकती है. क्योंकि अब जनता जाग चुकी है. यह लेख आपकी सेवा में हाजिर है.

( नोट : हम इस लेख के प्रकाशनीय सहयोग के लिए दैनिक हरिभूमि के संपादक एवं उनकी पूरी टीम का तहेदिल से आभार प्रकट करते हैं.)


मंगलवार, 7 जून 2011

देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए माफी मांगे सरकार : राजेश कश्यप


देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए माफी मांगे सरकार : राजेश कश्यप




‘देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए देशवासियों को भरोसा दिलाना चाहिए, वरना सरकार को भविष्य में इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।’ ये चेतावनी देते हुए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने कहा कि कश्यप राजपूत सभा सरकार द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में सत्याग्रही अनशनकारियों पर दमनात्मक पुलिसिया कार्यवाही की पुरजोर निन्दा व भर्त्सना करती है। श्री कश्यप ने कहा कि आखिर क्यों सरकार अंग्रेजों वाली ‘अपार भ्रष्टाचार के जरिए देश की अथाह सम्पति को लूटने’, ‘भ्रष्टाचार के विरूद्ध अहिंसावादी सत्याग्रहियों पर दमनचक्र चलाने’ और ‘फूट डालो व राज करो’ जैसी काली कूटनीतियों को दोहरा रही है। यदि सरकार इन अंग्रेजी कुटनीतियों को नहीं छोड़ेगी तो पूरे देश व समाज को निश्चित तौरपर दूसरा स्वतंत्रता संग्राम लड़ना होगा, पहले की भांति ही हर तरह की कुर्बानियां देने को विवश होना पड़ेगा और निश्चित तौरपर इसके लिए देश व समाज अपनी कमर कस चुका है।
प्रधान राजेश कश्यप ने कहा कि गाँधीवादी नेता अण्णा हजारे को सरकार के दमनात्मक रवैए के प्रति जंतर-मंतर पर एक दिन के लिए सांकेतिक अनशन की इजाजत न मिलना ‘गुलामी’ वाले दिनों की याद दिलाता है। श्री कश्यप ने कहा कि वे भी भ्रष्टाचार और सरकार की दमनात्मक कार्यवाही के विरूद्ध अपना सांकेतिक विरोध दर्ज करवाने के लिए 8 जून को अनशन पर रहेंगे और साथ ही भगवान से प्रार्थना करेंगे कि वो वर्तमान सरकार को सद्बुद्धि दे।


समाचार पत्रों की नज़ारे इनायत .......
 




(उपर्युक्त सहयोग के लिए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक दैनिक जागरण, आज समाज, दैनिक हरिभूमि और दैनिक भास्कर समाचार पत्रों एवं रोहतक से स्थानीय सवांददाताओं का तहेदिल से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद प्रकट करती है. )

मंगलवार, 24 मई 2011

बड़ी धूमधाम से मनाई गई महर्षि कश्यप जयन्ति


हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक द्वारा महर्षि कश्यप जयन्ति बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कश्यप  मोहल्ला में एक विशेष  समारोह भी आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश कश्यप ने की। श्री कश्यप ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कश्यप राजपूत समाज अपने हकों को हासिल करने के लिए अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और इसके लिए समाज पूरी तरह जागरूक एवं एकजूट हो चुका है। उन्होंने कहा कि कश्यप राजपूत समाज की प्रदेश में लगभग नौ लाख की आबादी है, इसके बावजूद उसे सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों के तहत न तो राजनीतिक भागीदारी मिल पा रही है और न ही उसकी कोई सुध ली जा रही है। राजेश कश्यप ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने शीघ्रातिशीघ्र कश्यप राजपूत समाज की दीन-हीन दशा की सुध नहीं ली तो समाज अपने राजनीतिक विकल्प पर पुर्नविचार करने के लिए बाध्य हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से प्रत्येक वर्ष 24 मई को महर्षि कश्यप जयन्ति पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग भी की।

समारोह के संयोजक रोहतक ब्लॉक के प्रधान महेन्द्र सिंह, समाजसेवी मुकेश कश्यप एवं पूर्व प्रधान सुरेश कश्यप थे। समारोह में भारतीय अम्बेडकर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. गजानंद वर्मा, राष्ट्रीय क्रान्तिकारी सन्त महाराज बलबीर दास, हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया और हरियाणवी फिल्मों के अभिनेता एवं निर्माता-निर्देशक  कुलदीप रोहिल्ला बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। समारोह के सभी वक्ताओं ने कश्यप समाज की एकजूटता के लिए बधाई दी और सरकार से आग्रह किया कि इस गरीब समाज को राजनीतिक भागीदारी दे। विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में कश्यप राजपूत समाज को उसके संघर्ष में तन-मन-धन से हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

समारोह के प्रारंभ में महर्षि कश्यप जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और दीप प्रज्जवलन किया गया। समारोह के अंत में विशिष्ट अतिथियों एवं विशिष्ट समाजसेवियों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी पदाधिकारियों के अलावा रोहताश, राजेश, सुरेश, गोविन्द, जगदीश, परमानंद, जयनारायण, सूरजभान, महेन्द्र सिंह, नफे सिंह, मुकेश, जयभगवान, सत्यवान, प्रदीप, अन्नू, मनोज, महेन्द्र, प्रवीण, अजय, विनोद, पवन, हरदेव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप के नाम पर भण्डारे का आयोजन भी किया गया एवं प्रसाद वितरित किया गया।


कैमरे की नजर से.....














समाचार पत्रों की नजर से.....












 

सोमवार, 23 मई 2011

सृष्टि के महासृजक : महर्षि कश्यप / राजेश कश्यप

24 मई, 2011 जयन्ति विशेष



महर्षि कश्यप जी

हमारे देश की पावन भूमि अनेक ऋषि-मुनियों, साधु-सन्तों और भक्तों की जन्म एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन धरा पर भगवान विष्णु भी कई बार स्वयं अपना अवतार ले चुके हैं। इसी पावन धरती पर सप्तऋषि महर्षि कश्यप जी सृष्टि के रचियता भगवान ब्रहा्रा जी के आदेशानुसार सृष्टि की सृजना करने के लिए अवतरित हुए। मुनिराज महर्षि क’यप ब्रहा्रा जी के मानस-पुत्र और मरीची ऋषि के महातेजस्वी पुत्र थे। इन्हें ‘अरिष्टनेमी’ के नाम से भी जाना जाता था। महर्षि कश्यप की माता का नाम कला था, जोकि कर्दम ऋषि की पुत्री और कपिल देव की बहन थी। मुनिराज कश्यप पिंघले हुए सोने जैसे महातेजस्वी थे। उनकी जटाएं अग्नि-ज्वालाएं जैसी थीं। महर्षि क’यप ऋषि-मुनियों में श्रेष्ठ माने जाते थे। सुर-असुरों के मूल पुरूष मुनिराज कश्यप का आश्रम मेरू पर्वत के शिखर पर था, जहां वे पर-ब्रह्म  परमात्मा के ध्यान में मग्न रहते थे।

पौराणिक सन्दर्भों के अनुसार सृष्टि की रचना करने के लिए ब्रहा्राण्ड में सर्वप्रथम भगवान ब्रहा्रा जी प्रकट हुए। ब्रहा्रा जी के दाएं अंगूठे से दक्ष प्रजापति हुए। ब्रहा्रा जी के अनुनय-विनय पर दक्ष प्रजापति ने अपनी पत्नी असिक्रि के गर्भ से ६० कन्याएं पैदा कीं। इन कन्याओं में से १३ कन्याएं महर्षि कश्यप की पत्नियां बनीं। मुख्यत: इन्ही कन्याओं से सृष्टि का सृजन हुआ और महर्षि कश्यप सृष्टि के सृजक बने। महर्षि कश्यप सप्तऋषियों में प्रमुख माने गए हैं। सप्तऋषियों की पुष्टि श्री विष्णु पुराण में इस प्रकार होती है :-

वसिष्ठ: का’यपो∙यात्रिर्जमदग्निस्सगौतम:।

वि’वामित्रभरद्वाजौ सप्त सप्तर्षयो∙भवन्।।

(अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं - वसिष्ठ, क’यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र  और भारद्वाज।)

श्रीमद्भागवत के छठे अध्याय के अनुसार दक्ष प्रजापति ने अपनी साठ कन्याओं मंे से दस कन्याओं का विवाह धर्म के साथ, तेरह कन्याओं का विवाह महर्षि कश्यप के साथ, सत्ताईस कन्याओं का विवाह चन्द्रमा के साथ, दो कन्याओं का विवाह भूत के साथ, दो कन्याओं का विवाह अंगीरा के साथ, दो कन्याओं का विवाह कश्यप के साथ और शेष चार कन्याओं का विवाह भी ताक्ष्र्यधारी कश्यप के साथ ही कर दिया। इस प्रकार महर्षि क’यप की अदिति, दिति, दनु, काष्ठा, अरिष्टा, सुरसा, इला, मुनि, क्रोधवशा, ताम्रा, सुरभि, सुरसा, तिमि, विनता, कद्रू, पतांगी और यामिनि आदि पत्नियां बनीं।

महर्षि कश्यपने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से बारह आदित्य पैदा किए, जिनमें सर्वव्यापक देवाधिदेव नारायण का वामन अवतार भी शामिल था। श्री विष्णु पुराण के अनुसार :

मन्वन्तरे∙त्र सम्प्राप्ते तथा वैवस्वतेद्विज।

वामन: क’यपाद्विष्णुरदित्यां सम्बभुव ह।।

त्रिमि क्रमैरिमाँल्लोकान्जित्वा येन महात्मना।

पुन्दराय त्रैलोक्यं दत्रं निहत्कण्टकम्।।

(अर्थात्-वैवस्वत मन्वन्तर के प्राप्त होने पर भगवान् विष्णु कश्यप जी द्वारा अदिति के गर्भ से वामन रूप में प्रकट हुए। उन महात्मा वामन जी ने अपनी तीन डगों से सम्पूर्ण लोकों को जीतकर यह निष्कण्टक त्रिलोकी इन्द्र को दे दी थी।)

पौराणिक सन्दर्भो के अनुसार चाक्षुष मन्वन्तर में तुषित नामक बारह श्रेष्ठगणों ने बारह आदित्यों के रूप में महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से जन्म लिया, जोकि इस प्रकार थे -विवस्वान्, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरूण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम (भगवान वामन)। महर्षि क’यप के पुत्र विवस्वान् से मनु का जन्म हुआ। महाराज मनु को इक्ष्वाकु, नृग, धृष्ट, शर्याति, नरिष्यन्त, प्रान्’ाु, नाभाग, दिष्ट, करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।

महर्षि क’यप ने दिति के गर्भ से परम् दुर्जय हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष नामक दो पुत्र एवं सिंहिका नामक एक पुत्री पैदा की। श्रीमद्भागवत् के अनुसार इन तीन संतानों के अलावा दिति के गर्भ से क’यप के ४९ अन्य पुत्रों का जन्म भी हुआ, जोकि मरून्दण कहलाए। कश्यप के ये पुत्र नि:संतान रहे। देवराज इन्द्र ने इन्हें अपने समान ही देवता बना लिया। जबकि हिरण्याकश्यप को चार पुत्रों अनुहल्लाद, हल्लाद, परम भक्त प्रहल्लाद, संहल्लाद आदि की प्राप्ति हुई।

महर्षि कश्यप को उनकी पत्नी दनु के गर्भ से द्विमुर्धा, शम्बर, अरिष्ट, हयग्रीव, विभावसु, अरूण, अनुतापन, धुम्रके’ा, विरूपाक्ष, दुर्जय, अयोमुख, शंकुशिरा, कपिल, शंकर, एकचक्र, महाबाहु, तारक, महाबल, स्वर्भानु, वृषपर्वा, महाबली पुलोम और विप्रचिति आदि ६१ महान् पुत्रों की प्राप्ति हुई। रानी काष्ठा से घोड़े आदि एक खुर वाले पशु उत्पन्न हुए। पत्नी अरिष्टा से गन्धर्व पैदा हुए। सुरसा नामक रानी की कोख से यातुधान (राक्षस) उत्पन्न हुए। इला से वृक्ष, लता आदि पृथ्वी में उत्पन्न होने वाली वनस्पतियों का जन्म हुआ। मुनि के गर्भ से अप्सराएं जन्मीं। कश्यप की क्रोधवशा  नामक रानी ने साँप, बिच्छु आदि विषैले जन्तु पैदा किए। ताम्रा ने बाज, गीद्ध आदि शिकारी पक्षियों को अपनी संतान के रूप में जन्म दिया। सुरभि ने भैंस, गाय तथा दो खुर वाले पशुओं की उत्पति की। रानी सरसा ने बाघ आदि हिंसक जीवों को पैदा किया। तिमि ने जलचर जन्तुओं को अपनी संतान के रूप में उत्पन्न किया।

महर्षि कश्यप ने रानी विनता के गर्भ से गरूड़ (भगवान विष्णु का वाहन) और वरूण (सूर्य का सारथि) पैदा किए। कद्रू की कोख से अनेक नागों का जन्म हुआ। रानी पतंगी से पक्षियों का जन्म हुआ। यामिनी के गर्भ से शलभों (पतिंगों) का जन्म हुआ। ब्रहा्रा जी की आज्ञा से प्रजापति क’यप ने वै’वानर की दो पुत्रियों पुलोमा और कालका के साथ भी विवाह किया। उनसे पौलोम और कालकेय नाम के साठ हजार रणवीर दानवों का जन्म हुआ जोकि कालान्तर में निवातकवच के नाम से विख्यात हुए।

मुनिराज कश्यप नीतिप्रिय थे और वे स्वयं भी धर्म-नीति के अनुसार चलते थे और दूसरों को भी इसी नीति का पालन करने का उपदे’ा देते थे। उन्होने अधर्म का पक्ष कभी नहीं लिया, चाहे इसमें उनके पुत्र ही क्यों न शामिल हों। महर्षि क’यप राग-द्वेष रहित, परोपकारी, चरित्रवान और प्रजापालक थे। वे निर्भिक एवं निर्लोभी थे। क’यप मुनि निरन्तर धर्मोपदेश  करते थे, जिनके कारण उन्हें श्रेष्ठतम उपाधि हासिल हुई। समस्त देव, दानव एवं मानव उनकी आज्ञा का अक्षरश: पालन करते थे। उन्ही की कृपा से ही राजा नरवाहनदत्त चक्रवर्ती राजा की श्रेष्ठ पदवी प्राप्त कर सका।

महर्षि कश्यप अपने श्रेष्ठ गुणों, प्रताप एवं तप के बल पर श्रेष्ठतम महानुभूतियों में गिने जाते थे। महर्षि कश्यप ने समाज को एक नई दिशा देने के लिए ‘स्मृति-ग्रन्थ’ जैसे महान् ग्रन्थ की रचना की। इसके अलावा महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप-संहिता’ की रचना करके तीनों लोकों में अमरता हासिल की। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार ‘कस्पियन सागर’ एवं भारत के शीर्ष प्रदेश कश्मीर का नामकरण भी महर्षि कश्यप जी के नाम पर ही हुआ। महर्षि कश्यप द्वारा संपूर्ण सृष्टि की सृजना में दिए गए महायोगदान की यशोगाथा हमारे वेदों, पुराणों, स्मृतियों, उपनिषदों एवं अन्य अनेक धार्मिक साहित्यों में भरी पड़ी है, जिसके कारण उन्हें ‘सृष्टि के महासृजक’ उपाधि से विभूषित किया जाता है। ऐसे महातेजस्वी, महाप्रतापी, महाविभूति, महायोगी, सप्तऋषियों में महाश्रेष्ठ व सृष्टि सृजक महर्षि क’यप जी को कोटि-कोटि प्रणाम। (महर्षि कश्यप जी का फोटो संलग्न है।)

(लेखक हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैल के ‘अध्यक्ष’ हैं।’ इसके  साथ ही  हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान एवं सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी भी हैं. ).




सांझी’ के प्रभारी श्री राजेश चुघ एवं जागरण परिवार की समस्त टीम का हृदय से आभार

हरियाणा कश्यप राजपूत समाज, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप द्वारा १८५७ की क्रांति में लिबासपुर (सोनीपत) एवं क्रांतिकारी शहीद उदमी राम एवं उनके शहीद साथियों की शहादत को नमन स्वरूप लिखे गए विशेष लेख को दैनिक जागरण की प्रतिष्ठित मैग्जिन ‘सांझी’ में दिनांक २३ मई, २०११ को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके लिए हम ‘सांझी’ के प्रभारी श्री राजेश चुघ एवं जागरण परिवार की समस्त टीम का कश्यप राजपूत समाज हृदय से आभार प्रकट करता है।

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