बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

आप सादर आमंत्रित हैं


आदरणीय बन्धुओं !
सादर नमस्कार।

आपको सादर सूचित किया जाता है कि आगामी 7 अक्तूबर, 2012 (रविवार) को हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा चौधरी छोटूराम धर्मशाला, रोहतक के केन्द्रीय हॉल में ‘सामाजिक सद्भावना सम्मान-समारोह’ का आयोजन सुबह 10:00 बजे किया जा रहा है। इस अवसर पर आप सब सादर आमंत्रित हैं।

(राजेश कश्यप)
प्रधान, हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक।
मोबाईल: 09416629889
(कृपया समारोह में पहुंचने की सूचना मोबाईल पर जरूर देवें। )

सोमवार, 1 अक्टूबर 2012

7 अक्तूबर, 2012 को होने वाली महत्वपूर्ण मीटिंग की सूचना एवं आमंत्रण

मेरे आदरणीय कश्यप बन्धुओं,

सादर नमस्कार!
जय महर्षि कश्यप!!

आपको सादर सूचित किया जाता है कि  आगामी 7 अक्तूबर, 2012 (रविवार) को सुबह 10:00 बजे चौधरी छोटूराम धर्मशाला, रोहतक में ‘हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक’ की एक खास और महत्वपूर्ण मीटिंग होगी। इस मीटिंग में प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी सादर आमंत्रित किए गए हैं।

इस मीटिंग में निम्नलिखित तीन प्रमुख मुद्दे होंगे :
1.    ‘हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक’ की कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यकारिणी का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इसलिए सभी पदाधिकारियों को उनके असीम सहयोग के लिए जिला प्रधान की तरफ से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।

2.    गत तीन वर्ष के दौरान ‘हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक’ के कार्यों की समीक्षा की जाएगी अर्थात् इस बात पर चर्चा होगी कि हम पिछले तीन सालों के दौरान समाज के लिए क्या-कुछ कर पाए?

3.    बहुत जल्द होने वाले नए चुनावों के बारे में जरूरी बातों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों से जरूरी राय व सुझाव लिए जाएंगे।


अतः आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन है कि आप इस मीटिंग में अपने मित्रों/साथियों के साथ हर हालत में जरूर पहुंचें और समय पर पहुंचें। इस मीटिंग में आपका पहुंचना बेहद जरूरी है। पत्र प्राप्त होते ही फोन पर जरूर सूचना दें। आप अपने साथ ‘महर्षि कश्यप कल्याण कोष’ की रसीदों वाली कांपियां भी जरूर लेकर आएं, चाहे आपने रसीद काटी हों या ना काटी हों।

आपसे एक बार फिर नम्र निवेदन है कि :
1.    आगामी 7 अक्तूबर, 2012 (रविवार) को चौधरी छोटूराम धर्मशाला, रोहतक में सुबह 10:00 बजे होने वाली जरूरी मीटिंग में हर हालत में जरूर से जरूर पहुंचें।
2.    कश्यप समाज के अपने नजदीकी भाईयों/मित्रों को भी जरूर साथ लेकर आएं।
3.    ‘महर्षि कश्यप कल्याण कोश’ की रसीदों वाली कापियां भी अपने साथ जरूर लेकर आएं, आपने चाहे रसीदें काटी हों या न काटी हों।
4.    इस पत्र के मिलते ही मीटिंग में पहुंचने की सूचना मोबाईल नं 9416629889 पर जरूर देने का कष्ट करें।


    पूर्ण विश्वास है कि आप उपर्युक्त मीटिंग में सही समय पर अपने साथियों के साथ पहुंचेंगे और समाज के विकास में सहायक होंगे। इसी विश्वास के साथ,
धन्यवाद सहित्,

आपका स्नेहाकांक्षी

(राजेश कश्यप)
प्रधान

रविवार, 19 अगस्त 2012

राजेश कश्यप ने बड़ौत (उत्तर प्रदेश में ) प्रस्तुत की समाज विकास की पाँच सूत्री रूपरेखा

राजेश कश्यप ने बड़ौत (उत्तर प्रदेश में ) प्रस्तुत की
 समाज विकास की पाँच सूत्री रूपरेखा


हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान एवं युवा समाजसेवी राजेश कश्यप ने बड़ौत (उत्तर प्रदेश) में आयोजित ‘सामाजिक महासम्मेलन’ में  समाज विकास की पाँच सूत्री रूपरेखा प्रस्तुत की। महासम्मेलन को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए राजेश कश्यप ने कहा कि शिक्षा पर जोर, एकता एवं सौहार्द को बढ़ावा, नशे जैसी बुरी लतों से छुटकारा, सामाजिक कुरीतियों व कुप्रथाओं का परित्याग और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी करकेएक नए स्वर्णिम समाज की स्थापना की जा सकती है। श्री कश्यप ने समाज विकास से संबंधित इन पाँच सूत्रों पर विस्तार से प्रकाश डाला और पूरा विश्वास जताया कि यदि इन पाँच सूत्रों पर समाज पूरी ईमानदारी के साथ पहल करे और इन्हें वास्तविक अर्थों में अमल में लाने की कोशिश करे तो हमारा समाज हर क्षेत्र में उन्नति, प्रगति एवं समृद्धि हासिल कर सकता है।
इस सामाजिक महासम्मेलन में उत्तर प्रदेश कश्यप समाज के ग्राम, जनपद व जिला स्तरीय प्रधान, प्रतिनिधि और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और समाज विकास के मुद्दे पर गहन विचार-मन्थन किया। महासम्मेन में हरियाणा प्रदेश से युवा समाजसेवी और हरियाणा कश्यप राजपूत समाज, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप को उनकी विशिष्ट सामाजिक सेवाओं को सम्मान देते हुए विशेष तौरपर आमंत्रित किया गया था। श्री कश्यप ने अपने अनुभवों के आधार पर सामाजिक विकास की पाँच सूत्री रूपरेखा को महासम्मेलन में प्रस्तुत किया, जिसका समाज के समस्त प्रबुद्ध पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भरपूर स्वागत किया। महासम्मेलन में अशोक कश्यप को सपा पार्टी द्वारा पिछड़ा वर्ग प्रकाष्ठ का जिलाध्यक्ष बनने पर बधाई दी गई और उनका स्वागत किया गया।
महासम्मेलन के अध्यक्ष गिरीराज कश्यप, मुख्य अतिथि सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अशोक कश्यप और विशिष्ट अतिथि हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप थे। इस अवसर पर डा. महेश चन्द्रवंशी, राजपाल कश्यप, अमरीश कश्यप, सोनू कश्यप, चौहल सिंह कश्यप आदि वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति व पदाधिकारी उपस्थित थे। महासम्मेलन का संचालन युवा समाजसेवी पंकज कश्यप ने किया।

गुरुवार, 2 अगस्त 2012

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा ‘रक्षाबन्धन पर्व’ पर्यावरण को समर्पित

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा 
‘रक्षाबन्धन पर्व’ पर्यावरण को समर्पित







हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा ‘रक्षा बन्धन पर्व’ पर्यावरण को समर्पित किया। सभा के जिला प्रधान व युवा समाजसेवी राजेश कश्यप की अध्यक्षता में गाँव टिटौली में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बहनों को उपहारस्वरूप पौधे भेंट किए गए और पौधारोपण किया गया। बहनों ने अपने भाईयों के साथ-साथ पेड़ों को भी राखियां बांधी। राजेश कश्यप ने पेड़ों को राखियां बांधने की परंपरा का स्वागत करते हुए कहा कि पेड़ सबके जीवन-रक्षक होते हैं और सबको इस परंपरा को अपनाना चाहिए। उन्होंने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि हर पर्व पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान दें। इस अवसर पर महेन्द्र सिंह, श्रीमती कैलाशो देवी, श्रीमती सीमा कश्यप, राजल, शीला, प्रमिला, राजेश, मनोज, पवन, स्वाति, अंजली, संजय, भास्कर, शिवम, संजना, आशिष आदि उपस्थित थे।

गुरुवार, 26 जुलाई 2012

राजेश कश्यप ‘शहीद चन्द्रशेखर आजाद अवार्ड’ से सम्मानित

राजेश कश्यप ‘शहीद चन्द्रशेखर आजाद अवार्ड’ से सम्मानित

   राजेश कश्यप को अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति ने ‘शहीद चन्द्रशेखर आजाद अवार्ड-2012’ से सम्मानित किया है। उन्हें यह अवार्ड चन्द्रशेखर आजाद की जयंति के अवसर पर एसबीएस सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, करनाल में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि कांग्रेस विधायिका श्रीमती सुमिता सिंह के हाथों प्रदान किया गया। श्री कश्यप को यह सम्मान देशभक्त शहीदों और क्रांतिकारियों पर रचनात्मक व उल्लेखनीय लेखन कार्य करने और देश व समाज में देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है। समिति के चेयरमैन नरेन्द्र अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा कि राजेश कश्यप एक आदर्श युवा हैं, जो निरंतर अपने देशभक्तों, शहीदों और क्रांतिकारियों के जीवन मूल्यों, सिद्वान्तों और उनके दिखाए मार्गों से नई पीढ़ी को बखूबी रूबरू करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री कश्यप रचनात्मक लेखन के साथ-साथ सक्रिय समाजसेवा से भी जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय एकता, अखण्डता व सद्भावना को मजबूत बनाने में अपना अहम् योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष बलजीत सल्याण, महासचिव महेश शर्मा, संरक्षक कृष्ण अरोड़ा के अलावा लाला लाजपतराय रेजीमेंट, शहीद भगत सिंह रेजीमेंट एवं रानी लक्ष्मीबाई रेजीमेंट के समस्त पदाधिकारी, वरिष्ठ गणमान्य लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
    उल्लेखनीय है कि राजेश कश्यप रोहतक जिले के टिटौली गाँव से संबंध रखते हैं और पिछले एक दशक से रचनात्मक लेखन एवं सक्रिय समाजसेवा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके एक हजार से अधिक लेख प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके आकाशवाणी रोहतक केन्द्र से दर्जन भर वार्ताएं, बातचीत एवं परिसंवाद प्रसारित हो चुके हैं। इसके साथ ही सामाजिक कुरीतियों व समस्याओं पर आधारित तीन हरियाणवी नाटक भी प्रसारित हो चुके हैं। इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट लेखन व समाजसेवा के लिए दर्जनों विशिष्ट सम्मान व पुरस्कार हासिल हो चुके हैं। श्री कश्यप को वर्ष 2000 में 52वें गणतंत्र दिवस पर तत्तकालीन शिक्षामंत्री बहादुर सिंह द्वारा ‘विशिष्ट सम्मान’, भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा ‘डॉ. अम्बेडकर फैलोशिप सम्मान 2003’, हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति द्वारा ‘सन्त कबीर सम्मान-2006’ और वर्ष 2010 में सीएसआर नई दिल्ली द्वारा ‘मिस्टर इंटेलेक्चूअल अवार्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है।

गुरुवार, 24 मई 2012

धूमधाम से मनाई गई महर्षि कश्यप जयन्ति

धूमधाम से मनाई गई महर्षि कश्यप जयन्ति
समारोह में उपस्थित जनसमूह

 इस बार भी हरियाणा के सभी कस्बों, गाँवों और जिलों में बड़ी श्रद्धा व विश्वास के साथ महर्षि कश्यप जयन्ति बड़ी धूमधाम से मनाई गई। हरियाणा कश्यप राजपूत सभा (रजि.) के तत्वाधान में कई जिलों में बड़े स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभा का मुख्य कार्यक्रम कश्यप राजपूत धर्मशाला, कुरूक्षेत्र में किया गया था। इस कार्यक्रम के आयोजक धर्मशाला कुरूक्षेत्र, संयोजक प्रधान देशराज कश्यप, मुख्य अतिथि कुरूक्षेत्र के सांसद नवीन जिन्दल और विशिष्ट अतिथि सभा के सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया थे। इस अवसर पर सभा के सभी जिला प्रधानों को विशिष्ट तौरपर आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर सभा के कार्यकारी प्रधान श्री जयभगवान कश्यप और श्री सुन्दर सिंह कश्यप, रोहतक जिले के प्रधान श्री राजेश कश्यप, पानीपत के प्रधान श्री लख्मीचन्द कश्यप, कुरूक्षेत्र के प्रधान श्री राजकुमार सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

हवन से हुई शुरूआत
हवन में आहूतियां डालते हुए रोहतक जिला के प्रधान श्री राजेश कश्यप

महर्षि कश्यप जयन्ति की शुरूआत हवन/यज्ञ से हुई। प्रातः दस बजे यज्ञ आरंभ हुआ और दोपहर तक चला। महर्षि कश्यप जयन्ति में पधारे सभी लोगों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं और महर्षि कश्यप जी से संबंधित ज्ञान-श्रवण किया।

सरपरस्त बलजीत सिंह मतौरिया ने किया सभी का स्वागत
समारोह को संबोधित करते हुए सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया
महर्षि कश्यप जयन्ति समारोह में पधारे सभी लोगों को सभा के सरपरस्त बलजीत सिंह मतौरिया ने संबोधित करते हुए अपनी शुभकामनाएं और बधाईयां दीं। इसके साथ ही उन्होंने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत भी किया। श्री बलजीत मतौरिया ने कहा कि समाज को एकजूट होकर संघर्ष करने की नितांत आवश्यकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंती लड़कियां
 इस अवसर पर स्कूल के विद्याार्थियों ने बड़ा ही मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम में लोकनृत्यों के अलावा भजन व गीत भी प्रस्तुत किए।

हमारी सरकार सत्ता में आई तो कश्यप समाज के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी: डा. अशोक कश्यप
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डा. अशोक कश्यप
महर्षि कश्यप जयन्ति समारोह में इन्द्री के विधायक और इनेलो नेता डा. अशोक कश्यप प्रमुख तौरपर पधारे। उन्होंने पूरे समाज को महर्षि कश्यप जयन्ति की हार्दिक बधाईयां और शुभकामनाएं दीं। विधायक डा. अशोक कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को भूल जाता है, वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने समाज से वायदा किया कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आई तो समाज के विकास में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। डा. कश्यप ने अपने हृदय के उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि राजनीति बाद में है, पहले मेरा समाज है। मैं इस समाज के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा।

समारोह में रखी कुल चार मांगें
समारोह में समाज की प्रमुख मांगों को रखते श्री देशराज कश्यप 

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के प्रधान व समारोह के संयोजक श्री देशराज कश्यप ने मुख्य अतिथि श्री नवीन जिन्दल के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं, जोकि इस प्रकार रहीं:-
1.    धर्मशाला में एक सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) का निर्माण करवाया जाए।
2.    धर्मशाला में समाज के विद्यार्थियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण करवाया जाए।
3.    प्रत्येक वर्ष 24 मई की महर्षि कश्यप जयन्ति पर अवकाश घोषित करने की संतुति सरकार को की जाए।
4.    कश्यप समाज की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने में सहयोग किया जाए।


महर्षि कश्यप जी ने अपने अलौकिक ज्ञान से पूरी सृष्टि का कल्याण किया: नवीन जिन्दल
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद नवीन जिन्दल 
कुरूक्षेत्र के सांसद श्री नवीन जिन्दल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि कश्यप ऋषियों में प्रमुख ऋषि थे। उन्होंने अपने अलौकिक ज्ञान से पूरी सृष्टि का कल्याण किया और उस ज्ञान का पूरे विश्व ने लाभ उठाया। अगर हम महर्षि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं तो सफलता हासिल कर सकते हैं।
सांसद श्री नवीन जिन्दल ने आगे कहा कि मेरा आपसे नाता मेरे बाबूजी स्व. श्री ओमप्रकाश जिन्दल जी ने जोड़ा। उनका कश्यप बिरादरी से बहुत गहरा लगाव था। वे हमेशा कहते थे कि ये कश्यप समाज ऐसा समाज है, जो एक बार किसी का हाथ पकड़ लेता है तो उसे जिन्दगीभर कभी नहीं छोड़ता।
सांसद श्री नवीन जिन्दल ने समाज को कुरीतियों व बंराईयों से बचने की नसीहत दी। उन्होंने साथ ही अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का भी आह्वान किया।
सांसद श्री नवीन जिन्दल ने समाज की माँगों के सन्दर्भ में खूब दरियादिली दिखाई। उन्होंने धर्मशाला के लिए प्रस्तावित कम्युनिटी हॉल व छात्रावास के लिए 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। अन्य मांगों पर उन्होनंे बड़ी संतुलित प्रतिक्रिया दी।

कार्यकारी प्रधानों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन
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समारोह को संबोधित करते हुए कार्यकारी प्रधान श्री सुन्दर सिंह कश्यप
समारोह के अंत में कार्यकारी प्रधान श्री जयभगवान कश्यप और श्री सुन्दर सिंह कश्यप ने समारोह में पधारे सभी लोगों को पुनः हार्दिक बधाईयां एवं शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद भी किया।

गणमान्य लोगों का हुआ सम्मान
मुख्य अतिथि सांसद श्री नवीन जिन्दल को स्मृतिचिन्ह प्रदान करते हुए समाज के वरिष्ठ पदाधिकारीगण

सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया का पगड़ी से सम्मान

श्री देशराज कश्यप का पगड़ी से सम्मान

श्री जयभगवान कश्यप का पगड़ी से सम्मान
समारोह में समाज के मुख्य अतिथि सांसद नवीन जिन्दल सहित अन्य गणमान्य लोगों सरपरस्त बलजीत सिंह मतौरिया, समारोह संचालक श्री देशराज कश्यप, कार्यकारी प्रधान श्री जयभगवान कश्यप का भी पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज की तरफ से मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भी दिया गया।

सोमवार, 21 मई 2012

‘सृष्टि सृजक‘ महर्षि कश्यप का पौराणिक स्वरूप

24 मई/जयन्ति विशेष 
सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप
 ‘सृष्टि सृजक‘ महर्षि कश्यप का पौराणिक स्वरूप 
 -राजेश कश्यप

हमारे लगभग सभी पौराणिक ग्रन्थों में सृष्टि की रचना का बखूबी उल्लेख मिलता है। पौराणिक ग्रन्थ ‘सुख सागर’ में श्री शुकदेव मुनि जी पाण्डव वंशज एवं प्रतापी राजा परीक्षित को सृष्टि की रचना के बारे में विस्तार से बताते हैं। इस पौराणिक ग्रन्थ के अनुसार, श्री शुकदेव मुनि परीक्षित से कहते हैं:
“हे परीक्षित! अब मैं आपके ज्ञानवर्धन के लिये आपको इस सृष्टि के उत्पत्ति के विषय में बताता हूँ। सृष्टि के आरम्भ में यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड जलमग्न था। केवल भगवान नारायण ही शेष शैया पर विराजमान योग निद्रा में लीन थे। सृष्टिकाल आने पर काल शक्ति ने उन भगवान नारायण को जगाया। उनके नाभि प्रदेश से सूक्ष्म तत्व कमल कोष बाहर निकला और सूर्य के समान तेजोमय होकर उस अपार जल को प्रकाशमान करने लगा। उस देदीप्यमान कमल में स्वयं भगवान विष्णु प्रविष्ट हो गये और ब्रह्मा के रूप में प्रकट हुये। कमल पर बैठे ब्रह्मा जी को भगवान नारायण सम्पूर्ण जगत की रचना करने की आज्ञा दी।
ब्रह्मा जी ने सृष्टि रचने का दृढ़ संकल्प किया और उनके मन से मरीचि, नेत्रों से अत्रि, मुख से अंगिरा, कान से, पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अँगूठे से दक्ष तथा गोद से नारद उत्पन्न हुये। इतनी रचना करने के बाद भी ब्रह्मा जी ने यह विचार करके कि मेरी सृष्टि में वृद्धि नहीं हो रही है अपने शरीर को दो भागों में बाँट लिया जिनके नाम ‘का’ और ‘या’ (काया) हुये। उन्हीं दो भागों में से एक से पुरुष तथा दूसरे से स्त्री की उत्पत्ति हुई। पुरुष का नाम स्वयम्भुव मनु और स्त्री का नाम शतरूपा था। स्वयम्भुव मनु और शतरूपा से दो पुत्र प्रियव्रत तथा उत्तानपाद और तीन कन्यायें आकूति, देवहूति एवं प्रसूति की उत्पत्ति हुई। मनु ने आकूति का विवाह रुचि प्रजापति और देवहूति का विवाह कर्दम जी के साथ कर दिया। इन्हीं तीन कन्याओं से सारे जगत की रचना हुई।’’
आगे चलकर ब्रहा्रा जी के मन से उत्पन्न हुए मरीचि ऋषि, जिन्हें ‘अरिष्टनेमि’ के नाम से भी जाना जाता है, का विवाह देवी कला से हुआ। देवी कला कर्दम ऋषि की पुत्री और कपिल देव की बहन थी। उनकी कोख से महातेजस्वी बालक कश्यप का जन्म हुआ।
श्रीमद्भागवत के छठे अध्याय के अनुसार ब्रहा्रा जी के अंगूठे से पैदा हुए दक्ष प्रजापति ने ब्रहा्रा जी के कहने पर अपनी पत्नी के गर्भ से 60 कन्याएं पैदा कीं। उन्होंने इन 60 कन्याओं मंे से 10 कन्याओं का विवाह धर्म के साथ, 13 कन्याओं का विवाह महर्षि कश्यप के साथ, 27 कन्याओं का विवाह चन्द्रमा के साथ, दो कन्याओं का विवाह भूत के साथ, दो कन्याओं का विवाह अंगीरा के साथ, दो कन्याओं का विवाह कश्यप के साथ और शेष चार कन्याओं का विवाह भी तार्क्ष्यधारी कश्यप के साथ ही कर दिया। इस प्रकार महर्षि कश्यप की अदिति, दिति, दनु, काष्ठा, अरिष्टा, सुरसा, इला, मुनि, क्रोधवशा, ताम्रा, सुरभि, सुरसा, तिमि, विनता, कद्रू, पतांगी और यामिनि आदि पत्नियां बनीं। मुख्यतः इन्ही से ही सृष्टि का सृजन हुआ और जिसके परिणामस्वरूप महर्षि कश्यप जी ‘सृष्टि के सृजक’ कहलाए।
महर्षि कश्यप ने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से बारह आदित्य पैदा किए, जिनमें सर्वव्यापक देवाधिदेव नारायण का वामन अवतार भी शामिल था। श्री विष्णु पुराण के अनुसार:
  मन्वन्तरेऽत्र सम्प्राप्ते तथा वैवस्वतेद्विज।
वामनः कश्यपाद्विष्णुरदित्यां सम्बभुव ह।।
त्रिमि क्रमैरिमाँल्लोकान्जित्वा येन महात्मना।
पुन्दराय त्रैलोक्यं दत्रं निहत्कण्टकम्।। 
  (अर्थात-वैवस्वत मन्वन्तर के प्राप्त होने पर भगवान् विष्णु कश्यप जी द्वारा अदिति के गर्भ से वामन रूप में प्रकट हुए। उन महात्मा वामन जी ने अपनी तीन डगों से सम्पूर्ण लोकों को जीतकर यह निष्कण्टक त्रिलोकी इन्द्र को दे दी।)
पौराणिक सन्दर्भो के अनुसार चाक्षुष मन्वन्तर में तुषित नामक बारह श्रेष्ठगणों ने बारह आदित्यों के रूप में महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से जन्म लिया, जोकि इस प्रकार थे -विवस्वान, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरूण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम (भगवान वामन)। महर्षि कश्यप के पुत्र विवस्वान् से मनु का जन्म हुआ। महाराज मनु को इक्ष्वाकु, नृग, धृष्ट, शर्याति, नरिष्यन्त, प्रान्शु, नाभाग, दिष्ट, करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।
महर्षि कश्यप ने दिति के गर्भ से परम् दुर्जय हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष नामक दो पुत्र एवं सिंहिका नामक एक पुत्री पैदा की। श्रीमद्भागवत् के अनुसार इन तीन संतानों के अलावा दिति के गर्भ से कश्यप के 49 अन्य पुत्रों का जन्म भी हुआ, जोकि मरून्दण कहलाए। कश्यप के ये पुत्र निःसंतान रहे। देवराज इन्द्र ने इन्हें अपने समान ही देवता बना लिया। जबकि हिरण्याकश्यप को चार पुत्रों अनुहल्लाद, हल्लाद, परम भक्त प्रहल्लाद, संहल्लाद आदि की प्राप्ति हुई।
महर्षि कश्यप को उनकी पत्नी दनु के गर्भ से द्विमुर्धा, शम्बर, अरिष्ट, हयग्रीव, विभावसु, अरूण, अनुतापन, धुम्रकेश, विरूपाक्ष, दुर्जय, अयोमुख, शंकुशिरा, कपिल, शंकर, एकचक्र, महाबाहु, तारक, महाबल, स्वर्भानु, वृषपर्वा, महाबली पुलोम और विप्रचिति आदि 61 महान् पुत्रों की प्राप्ति हुई। रानी काष्ठा से घोड़े आदि एक खुर वाले पशु उत्पन्न हुए। पत्नी अरिष्टा से गन्धर्व पैदा हुए। सुरसा नामक रानी की कोख से यातुधान (राक्षस) उत्पन्न हुए। इला से वृक्ष, लता आदि पृथ्वी में उत्पन्न होने वाली वनस्पतियों का जन्म हुआ। मुनि के गर्भ से अप्सराएं जन्मीं। कश्यप की क्रोधवशा  नामक रानी ने साँप, बिच्छु आदि विषैले जन्तु पैदा किए। ताम्रा ने बाज, गीद्ध आदि शिकारी पक्षियों को अपनी संतान के रूप में जन्म दिया। सुरभि ने भैंस, गाय तथा दो खुर वाले पशुओं की उत्पति की। रानी सरसा ने बाघ आदि हिंसक जीवों को पैदा किया। तिमि ने जलचर जन्तुओं को अपनी संतान के रूप में उत्पन्न किया।
महर्षि कश्यप ने रानी विनता के गर्भ से गरूड़ (भगवान विष्णु का वाहन) और वरूण (सूर्य का सारथि) पैदा किए। कद्रू की कोख से अनेक नागों का जन्म हुआ। रानी पतंगी से पक्षियों का जन्म हुआ। यामिनी के गर्भ से शलभों (पतिंगों) का जन्म हुआ। ब्रहा्रा जी की आज्ञा से प्रजापति कश्यप ने वैश्वानर की दो पुत्रियों पुलोमा और कालका के साथ भी विवाह किया। उनसे पौलोम और कालकेय नाम के साठ हजार रणवीर दानवों का जन्म हुआ जोकि कालान्तर में निवातकवच के नाम से विख्यात हुए।
महर्षि कश्यप पिंघले हुए सोने के समान तेजवान थे। उनकी जटाएं अग्नि-ज्वालाएं जैसी थीं। महर्षि कश्यप ऋषि-मुनियों में श्रेष्ठ माने जाते थे। सुर-असुरों के मूल पुरूष मुनिराज कश्यप का आश्रम मेरू पर्वत के शिखर पर था, जहां वे पर-ब्रह्म  परमात्मा के ध्यान में मग्न रहते थे। मुनिराज कश्यप नीतिप्रिय थे और वे स्वयं भी धर्म-नीति के अनुसार चलते थे और दूसरों को भी इसी नीति का पालन करने का उपदेश देते थे। उन्होने अधर्म का पक्ष कभी नहीं लिया, चाहे इसमें उनके पुत्र ही क्यों न शामिल हों। महर्षि कश्यप राग-द्वेष रहित, परोपकारी, चरित्रवान और प्रजापालक थे। वे निर्भिक एवं निर्लोभी थे। कश्यप मुनि निरन्तर धर्मोपदेश  करते थे, जिनके कारण उन्हें ‘महर्षि’ जैसी श्रेष्ठतम उपाधि हासिल हुई। समस्त देव, दानव एवं मानव उनकी आज्ञा का अक्षरशः पालन करते थे। उन्ही की कृपा से ही राजा नरवाहनदत्त चक्रवर्ती राजा की श्रेष्ठ पदवी प्राप्त कर सका।
महर्षि कश्यप अपने श्रेष्ठ गुणों, प्रताप एवं तप के बल पर श्रेष्ठतम महाविभूतियों में गिने जाते थे। महर्षि कश्यप सप्तऋषियों में प्रमुख माने गए। सप्तऋषियों की पुष्टि श्री विष्णु पुराण में इस प्रकार होती है:- 
 वसिष्ठः काश्यपोऽयात्रिर्जमदग्निस्सगौतमः। विश्वामित्रभरद्वाजौ सप्त सप्तर्षयोऽभवन्।। 
 (अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं, वसिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र  और भारद्वाज।)

महर्षि कश्यप ने समाज को एक नई दिशा देने के लिए ‘स्मृति-ग्रन्थ’ जैसे महान् ग्रन्थ की रचना की। इसके अलावा महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप-संहिता’ की रचना करके तीनों लोकों में अमरता हासिल की। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार ‘कस्पियन सागर’ एवं भारत के शीर्ष प्रदेश कश्मीर का नामकरण भी महर्षि कश्यप जी के नाम पर ही हुआ। महर्षि कश्यप द्वारा संपूर्ण सृष्टि की सृजना में दिए गए महायोगदान की यशोगाथा हमारे वेदों, पुराणों, स्मृतियों, उपनिषदों एवं अन्य अनेक धार्मिक साहित्यों में भरी पड़ी है, जिसके कारण उन्हें ‘सृष्टि के सृजक’ उपाधि से विभूषित किया जाता है। ऐसे महातेजस्वी, महाप्रतापी, महाविभूति, महायोगी, सप्तऋषियों में प्रमुख व सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप जी को कोटि-कोटि वन्दन एवं नमन!!!
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।) 

सम्पर्क सूत्र 
 राजेश कश्यप
स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं समीक्षक
म.न. 1229, निकट शिव मन्दिर,
गाँव. टिटौली, जिला. रोहतक
हरियाणा-124005

मोबाईल नं. 09416629889
e-mail : rkk100@rediffmail.com, rajeshtitoli@gmail.com

सोमवार, 2 अप्रैल 2012

हाल फिलहाल कोई भी नई जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल होने की स्थिति में नहीं: राजेश कश्यप

हाल फिलहाल कोई भी नई जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल होने की स्थिति में नहीं: राजेश कश्यप
राजेश कश्यप

    ‘‘हाल फिलहाल कोई भी जाति अथवा उपजाति पिछड़ा वर्ग में शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए आयोग को किसी भी जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की सिफारिश कदापि नहीं करनी चाहिए। लेकिन वास्तव में जो जातियां आर्थिक रूप से कमजोर हुई हैं, उनकी आर्थिक आधार पर आरक्षण की माँगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की सरकार को सिफारिश की जा सकती है। इसके लिए पिछड़ों के हकों से खिलवाड़ करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है।’’ ये सुझाव व विचारों से युक्त पत्र हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजा है। उल्लेखनीय है कि आयोग ने 2 अपै्रल तक समाज के विशिष्ट व्यक्तियों, शिक्षाविदों, राजनीतिक और सामाजिक विचारकों से (उप) जातियों को पिछड़ी जाति वर्ग में शामिल करने हेतु विचार एवं सुझाव आमंत्रित किए थे। आयोग के इसी आमंत्रण के तहत श्री कश्यप ने एक पत्र के जरिए आयोग को लिखा है कि अब तक के समीकरणों के अनुसार पिछड़ी जाति में शामिल होने के लिए सिर्फ जाट बिरादरी ने उग्रता दिखाई है और शेष अन्य ब्राहा्रण, बिश्नोई आदि 16 या 17 जातियों ने दबी जुबान से बहती गंगा में हाथ धोते हुए नौकरियों में आरक्षण मांगा है। लेकिन, यह आरक्षण पिछड़ा वर्ग में शामिल करके देने की बजाय, आर्थिक आधार पर मांगा है। इसका अभिप्राय यह हुआ कि अभी हाल-फिलहाल अधिकतर जातियां स्वयं को आत्मिक तौरपर पिछड़ा वर्ग में शामिल होने योग्य नहीं मानती हैं। इसलिए, पिछड़ा वर्ग में अन्य उप-जातियों को शामिल करने की अभी कोई आवश्यकता नहीं है।
आयोग को लिखे पत्र में सभा के प्रधान राजेश कश्यप ने आगे लिखा है कि जहां तक, जाट बिरादरी के उग्र आन्दोलन का सवाल है तो यह बेहद विडम्बना व दुर्भाग्य का विषय है। क्योंकि, जो जाति बहुमत में होने के साथ-साथ, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक आदि हर स्तर पर अन्य जातियों के तुलनात्मक, बेहद सशक्त और सर्वोच्च स्थान रखती हो, उस जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की माँग या सोच अथवा निर्णय, बिल्कुल अनैतिक, असंवैधानिक और असामाजिक होगा। सर्वविद्यित है कि जाट बिरादरी के नाम पर जो खूनी आन्दोलन चलाया जा रहा है, वह चन्द असामाजिक, स्वार्थी, संकीर्ण, अति महत्वाकांक्षी और स्वयंभू नेता लोगों का एक बहुत बड़ा सुनियोजित षड़यंत्र, दुराग्रही चक्रव्युह और साम्प्रदायिक कुचक्र है। निश्चित तौरपर यह ‘देशद्रोह’ का मामला बनता है।
श्री कश्यप ने आयोग को आगे लिखा है कि जाट समाज के प्रखर बुद्धिजीवी लोग बड़े स्वाभिमान के साथ यह स्वीकार करते हैं कि जाट बिरादरी को पिछड़े वर्ग में न तो शामिल करने की आवश्यकता है और न ही आरक्षण की। क्योंकि बिना आरक्षण ही उन्हें नौकरियों में सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। उनकीं नजर में जिन लोगों की अपने परिवार व समाज में कोई पूछ ही नहीं हैं, वे लोग ही अपनी राजनीति को चमकाने के लिए जाट समाज को भावनात्मक-ब्लैकमेल करने वाले दुःसाहसिक कृत्यों में लगे हुए हैं।
सभा के प्रधान राजेश कश्यप ने आयोग को लिखे पत्र में सादर अनुरोध किया है कि आयोग वास्तविकता को मद्देनजर रखते हुए, सच्चाई व संवैधानिक तराजू में मामले को तोलते हुए, हरियाणा सरकार को स्पष्ट सुझाव दें कि अभी हाल फिलहाल किसी भी जाति  या उपजाति के ‘पिछड़ा वर्ग’ में शामिल होने की स्थिति या परिस्थिति नजर नहीं आती है। लेकिन, सभी जातियों की नौकरियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण की माँग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार जरूर किया जाना चाहिए, यह सरकार का नैतिक ही नहीं, संवैधानिक दायित्व भी बनता है। सरकार के मार्गदर्शन व सहयोग के दृष्टिगत आयोग को अपनी रिपोर्ट में प्राप्त तथ्यों, सूचनाओं, समीकरणों, दस्तावेजों और सुझावों के आधार पर एक निष्पक्ष एवं पारदर्शी एजेण्डा अपनी अंतरिम रिपोर्ट में अवश्य शामिल करना चाहिए। श्री कश्यप ने आगे लिखा है कि हाल-फिलहाल, आयोग के समक्ष, समाज को साम्प्रदायिकता के दंश से बचाने, संकीर्ण राजनीतिकों को सबक सिखाने, अति महत्वाकांक्षी बिरादरी के स्वयंभू नेताओं पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को अभिन्न व अभेद्य बनाने का स्वर्णिम व ऐतिहासिक अवसर है।

आयोग को लिखे गए पत्र की मूल कॉपी 
आयोग को लिखे गए पत्र की मूल कॉपी

 

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

कश्यप राजपूत धर्मशाला, महम (रोहतक) का विधायक श्री आनंद सिंह दांगी ने किया शिलान्यास

कश्यप राजपूत धर्मशाला, महम (रोहतक) का विधायक श्री आनंद सिंह दांगी ने किया शिलान्यास

कश्यप धर्मशाला का शिलान्याश पत्थर 
 कश्यप राजपूत धर्मशाला, महम (रोहतक) के निर्माण के लिए कश्यप समाज का लंबे समय से चला आ रहा गत 20 फरवरी, 2012 को कामयाबी के मुकाम पर पहुँचा और महम के विधायक माननीय श्री आनंद सिंह दांगी ने अपने कर कमलों से इस धर्मशाला का शिलान्यास किया।

  इस अवसर पर कश्यप सेवा समिति की तरफ से एक सांस्कृतिक एवं शिलान्यास  कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महम नगर पार्षद की प्रधान श्रीमती प्रकाशो देवी ने की और बतौर मुख्य अतिथि महम के विधायक श्री आनंद सिंह दांगी थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर कश्यप समाज ने विधायक आनंद सिंह दांगी को फूल मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। 
कश्यप धर्मशाला का शिलान्यास करते महम के विधायक श्री अन्नंद सिंह दांगी, उनके साथ हैं नगर परिषद् महम की प्रधान श्रीमती प्रकाशो देवी और हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप

महम के विधायक श्री अन्नंद सिंह दांगी का स्वागत करते हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप
  इसके बाद विधायक आनंद सिंह दांगी ने पर्दा हटाकर कश्यप धर्मशाला, महम (रोहतक) का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री आनंद सिंह दांगी ने सबसे पहले कश्यप समाज को धर्मशाला के शिलान्यास के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। 

अपना संबोधन देते महम के विधायक श्री अन्नंद सिंह दांगी
 उन्होंने धर्मशाला के लिए तीन लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ भविष्य में भी यह सहयोग जारी रखने का वायदा भी किया। उन्होंने कहा कि यह ग्रान्ट जारी होने में काफी देर हो गई, इसलिए पूर्व घोषित दो लाख रूपये की राशि को बढ़ाकर तीन लाख रूपये किया गया है। श्री आनंद सिंह दांगी ने कहा कि चौपालें व धर्मशालाएं भाईचारा को बढ़ावा देती हैं। ये छत्तीस बिरादरी की जगह होती हैं, जहां सभी भाई आपस में मिल-बैठकर दुःख-सुख सांझा करते हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी भूपेन्द्र हुड्डा के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने छत्तीस बिरादरी को सम्मान देते हुए चौपाल व धर्मशालाओं का निर्माण करवाया है। उन्होंने आगे कहा कि विकास के कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। विधायक श्री आनंद सिंह दांगी ने अपने संबोधन में समाज से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में जरूर पढ़ाने भेजें। उन्होंने स्कूलों में मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से भी बताया। उन्होंने कहा कि मैं चौबीस घण्टे आपकी सेवा में तत्पर हूँ और भविष्य में भी रहूंगा।

मुख्य अतिथि विधायक श्री आनंद सिंह दांगी का आभार व धन्यवाद् प्रकट करते हुए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप
 कार्यक्रम के अंत में हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप ने कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधायक श्री आनंद सिंह दांगी का कश्यप धर्मशाला का शिलान्यास करने और तीन लाख रूपये की सहायता देने के लिए कश्यप समाज की तरफ से हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बाबा नरेन्द्र ने 51000 रूपये धर्मशाला के निर्माण के लिए दान देने की घोषणा भी की। उनके अलावा अनेक दानी सज्जनों ने धर्मशाला निर्माण के लिए 500 से लेकर 51000 तक की राशि का दान दिया। इन सब दानी सज्जनों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।

मुख्य अतिथि विधायक श्री आनंद सिंह दांगी को महर्षि कश्यप की तस्वीर भेंट करते हुए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप
 कार्यक्रम में कश्यप समाज ने पगड़ी भेंट करके विधायक आनंद सिंह दांगी को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्हें स्मृति-चिन्ह भी भेंट किए गए। हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप ने महर्षि कश्यप की तस्वीर मुख्य अतिथि विधायक आनंद सिंह दांगी और कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती प्रकाशो देवी को भेंट कीं। 


कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती प्रकाशो देवी, प्रधान नगर परिषद् महम को महर्षि कश्यप की तस्वीर भेंट करते हुए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप
 इस अवसर पर प्रसाद बांटा गया और लंगर लगाया गया।
लंगर व प्रसाद वितरण का दृश्य
  कार्यक्रम में कश्यप सेवा समिति महम की कार्यकारिणी के सदस्य, हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप, महम नगर परिषद के सदस्य व अधिकारी, कश्यप समाज के गणमान्य व्यक्ति, भारी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री अजमेर सिंह ने किया।

सोमवार, 12 दिसंबर 2011

‘कन्या : सृष्टि का आधार’ नामक फोटो एल्बम विमोचिन


कन्या के प्रथम जन्मदिन पर
‘कन्या : सृष्टि का आधार’ नामक फोटो एल्बम विमोचिन    
 ‘कन्या : सृष्टि का आधार’ फोटो एल्बम 

श्रीमती कैलाशो देवी अपनी पोत्री स्वाति के प्रथम जन्मदिन पर फोटो एल्बम का विमोचन करते हुए. साथ हैं उनके पुत्र राजेश कश्यप और पुत्रवधू श्रीमती सीमा कश्यप 

"छोरियां के बिना सृष्टि नहीं चाल सकदी, ज्याहें तै छोरी छोर्यां तै बी बाध हो सैं। हामनैं छोरियां गेल्यां किसे तरियां का भेदभाव नहीं करणा चाहिए।" ये आत्मिक उद्गार गाँव टिटौली निवासी श्रीमती कैलाशो देवी ने अपनी पोत्री स्वाति के प्रथम जन्मदिवस पर ‘कन्या : सृष्टि का आधार’ नामक फोटो एल्बम विमोचित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर पिछले कई वर्षों से महिला सशक्तिकरण एवं कन्या-भ्रूण हत्या-उन्मूलन अभियान से जुड़े युवा समाजसेवी राजेश कश्यप ने कहा कि कन्या-भ्रूण हत्या, महापाप है और यदि इस महापाप पर शीघ्रातिशीघ्र पूर्णत: रूप से अंकुश नहीं लगाया गया तो इसका भयंकर अभिशाप पूरी दुनिया को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं कन्या-भू्रण हत्या उन्मूलन के लिए नाटकों, गीतों और लेखों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रमों का अभियान जारी रहेगा। इसके साथ ही राजेश कश्यप ने बताया कि इन्हीं मुद्दों पर आधारित उनका एक हरियाणवी नाटक संग्रह ‘खुशी के आंसू’ भी जल्द ही समाज के बीच आएगा। इस अवसर पर कन्या स्वाति को उसके प्रथम जन्मदिवस पर महेन्द्र सिंह, श्रीमती कैलाशो देवी, श्रीमती सीमा कश्यप, राजेश कश्यप, मनोज कश्यप, पवन कश्यप, श्रीमती दर्शना, श्रीमती उषा सहित विभिन्न समाजसेवीं संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने अपना आशिर्वाद दिया।  

बुधवार, 7 दिसंबर 2011


सादर अपील 

प्यारे भाईयो और बहनों,
सादर नमस्कार।

बेहद दुःख का विषय है कि करनाल जिले के निवासी एवं कश्यप समाज के कर्मठ सेवक श्री मेघराज कश्यप जी का गत दिनों आकस्मिक निधन हो गया। उन्होंने अपना पूरा जीवन कश्यप समाज के हित में लगा दिया। वे बड़े ही नेकदिल और भले इंसान थे। हम सब उनकी आत्मिक शांति के लिए परमपिता से कामना करते हैं कि वे उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार व उनके सगे-संबंधियों को यह दुःख सहन करने की ताकत दें।
इसके साथ ही बेहद अफसोस एवं हार्दिक संवेदना का विषय है कि श्री मेघराज के निधन के बाद उनका परिवार असहाय हो गया है। उनका परिवार अति दरिद्रता की दलदल में फंस चुका है। उनके सुपुत्र श्री प्रवीण कश्यप ने हरियाणा कश्यप राजपूत धर्मषाला, कुरूक्षेत्र की बैठक में गत 4 दिसम्बर, 2011 को आकर दयनीय पारिवारिक स्थिति से अवगत करवाया और बताया कि उनके पास न तो खाने के लिए अनाज है, न पहनने को कपड़े हैं और न रहने के लिए मकान है। 
बैठक में समाज के गणमान्य लोगांे और शीर्ष नेताओं ने दिवंगत मेघराज के परिवार की सामूहिक आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से सादर अपील जारी की जाती है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देकर पुण्य प्राप्त करें और अपनी तरफ से दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान करें।
आप अपनी क्षमता के अनुसार निम्नलिखित लोगों को बीस दिन के अन्दर निम्नलिखित व्यक्तियों को सहायता राशि जमा करवाने का कष्ट करें:
1. श्री देशराज कश्यप, प्रदेशाध्यक्ष (मोबाईल नं. 09416037392)
2. श्री सुन्दर सिंह कश्यप, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष (मोबाईल नं. 09354199651)
3. श्री जयराम कश्यप, प्रदेशाध्यक्ष (मोबाईल नं. 09896252795)
4. श्री राजेश कश्यप कश्यप, प्रधान, जिला रोहतक (मोबाईल नं. 09416629889)

इनके अलावा आप किसी भी जिला प्रधान, सचिव अथवा खंजांची को भी अपनी सहायकता राशि जमा करवा सकते हैं। लेकिन, उसकी सूचना उपर्युक्त किसी भी एक शीर्ष पदाधिकारी को जरूर दें। जिला पदाधिकारी जमा राशि को उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी को जमा करवाने का कष्ट करें।

रविवार, 4 दिसंबर 2011

हरियाणा कश्यप समाज एकता के अटूट सूत्र में बंधने के लिए संकल्पबद्ध

 हरियाणा कश्यप समाज एकता के अटूट सूत्र में बंधने के लिए संकल्पबद्ध

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की संयुक्त सामाजिक एकता एवं शांति बैठक में उपस्थित प्रदेशध्यक्ष श्री देशराज कश्यप, कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुंदर सिंह कश्यप, धरमशाला प्रधान श्री जयराम कश्यप , एडवोकेट प्रेम सिंह, डॉ. राम सिंह, रोहतक जिले के प्रधान  व प्रदेश प्रवक्ता  श्री राजेश  कश्यप आदि सभा के शीर्ष पदाधिकारीगण 
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की संयुक्त सामाजिक एकता एवं शांति बैठक में उपस्थित रामकुमार उगाला, रामकुमार एडवोकेट एवं अमरीक सिंह 
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की संयुक्त सामाजिक एकता एवं शांति बैठक में विचार विमर्श करते समाज के गणमान्य लोग 

पिछले छह माह से रोहतक, करनाल, कुरूक्षेत्र आदि जिलों में जारी कई हंगामी बैठकों के बाद अंतत: सुखद परिणति के रूप में हरियाणा कश्यप समाज एकता के अटूट सूत्र में बंधने के लिए संकल्पबद्ध हो गया है। गत 4 दिसम्बर, 2011, रविवार को हरियाणा कश्यप राजपूत धर्मशाला, कुरूक्षेत्र में हरियाणा कश्यप राजपूत सभा से जुड़े दोनों गुटों की अलग-अलग कई घण्टों तक हंगामी बैठकें चलीं। इन बैठकों में समाज के शीर्ष पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भाग लिया और समाजहित में अपने बेबाक विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। दोनों गुटों ने अपनी-अपनी बैठकों में समाजहित में अपने सभी आपसी मतभेद, गिले-शिकवे और कानूनी दावे-प्रतिदावे समाप्त करके एकता के सूत्र में बंधने के प्रस्ताव पास किए। इसके बाद दोनों गुटों के ने मिलकर संयुक्त रूप से आपसी भाईचारा को बढ़ावा देने, समाज के विकास में अपने सभी मतभेद भुलाने और समाज के विकास के लिए ‘हरियाणा कश्यप राजपूत सभा (रजि. नं. 184)’ मंच के तहत एकजूट होकर काम करने जैसे संकल्पों के साथ ही यह सुझाव भी पारित किया कि दोनों गुटों की तरफ से एक 21 अथवा 30 सदस्यीय संयुक्त समझौता कमेटी का गठन शीघ्र ही किया जाएगा और उसे ‘हरियाणा कश्यप राजपूत सभा’ से जुड़े सभी विवादित मसलों पर सर्वसम्मत प्रस्ताव तैयार करने का अधिकार दिया जाएगा। जो प्रस्ताव यह समझौता कमेटी तैयार करेगी, वह दोनों गुटों को सर्वमान्य होगा। इन सभी रचनात्मक एवं शांति प्रस्तावों पर प्रदेशाध्यक्ष श्री देशराज कश्यप, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष श्री सुन्दर सिंह कश्यप, करनाल के एडवोकेट श्री रामकुमार कश्यप, हरियाणा लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य श्री राम कुमार उगाला, श्री अमरीक सिंह, धर्मशाला प्रधान श्री जय सिंह कश्यप, सभा के चेयरमैन श्री पे्रम सिंह कश्यप, करनाल के प्रधान श्री राम सिंह कश्यप, रोहतक के प्रधान एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेश कश्यप आदि शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में समाज के सभी गणमान्य लोगों एवं पदाधिकारियों ने हाथ उठाकर संयुक्त रूप से सहमति पर मुहर लगाई। प्रदेशाध्यक्ष श्री देशराज कश्यप ने इस सामाजिक एकता में अहम् भूमिका निभाने के लिए श्री सुन्दर सिंह कश्यप, श्री राम सिंह कश्यप, श्री जय सिंह कश्यप, श्री प्रेम सिंह कश्यप, सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया एवं श्री राजेश कश्यप सहित समाज अन्य कई गणमान्य लोगों का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कश्यप समाज की एकता के लिए पारित प्रस्तावों के बाद हरियाणा भर में स्वागत किया गया और समाज में हर्ष की लहर दिखाई दौड़ पड़ी।

11 दिसम्बर, 2011 को होगा ‘पिछड़ा वर्ग सामाजिक एकता रैली’ का आयोजन



प्यारे भाईयो और बहनों,
सादर नमस्कार।

पिछड़ा वर्ग के अधिकारों और चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करने और पिछड़ा वर्ग की आवाज को बुलन्द करने के लिए आगामी 11 दिसम्बर, 2011 को प्रात: 11 बजे, जिला रोहतक में पशु मेला ग्राऊण्ड, गोहाना रोड़, नजदीक वीटा मिल्क प्लांट के स्थान पर ‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच’ के तत्वाधान में ‘पिछड़ा वर्ग सामाजिक एकता रैली’ का आयोजन होने जा रहा है। इसकी अध्यक्षता ‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच, हरियाणा’ के अध्यक्ष एडवोकेट अनिल सैनी जी करेंगे और इसमें हरियाणा के पिछड़ा वर्ग के गणमान्य लोग, नेता एवं पदाधिकारी भी भाग लेंगे।

इस रैली में पिछड़ा वर्ग से संबंधित तमाम मुद्दों पर व्यापक विचार मंथन होगा और विकास की दिशा में बेहद सार्थक चिन्तन होगा। इस आयोजन में आपको सहर्ष आमंत्रित किया जाता है। पिछड़ा वर्ग का अच्छा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए आपकी उपस्थिति अति अनिवार्य है। अत: आप अपने साथियों के साथ इस रैली में जरूर उपस्थित हों। रैली से संबंधित विवरण नीचे दिया गया है :- 


आपका हार्दिक धन्यवाद् एवं आभार.