मंगलवार, 2 अगस्त 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने धूमधाम से मनाया ‘तीज उत्सव’


झूले का आनंद लेती कश्यप समाज की महिलायें
2 अगस्त, रोहतक।
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक ने ‘तीज उत्सव’ बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर सभा के जिला प्रधान राजेश कश्यप ने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि यह सावन की तीज स्नेह, सौहार्द एवं समृद्धि की त्रिवेणी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को देश व समाज के हितार्थ इस त्रिवेणी में जरूर सराबोर हो जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमारा प्रत्येक पर्व हमारी संस्कृति एवं सभ्यता का परिचायक है। इसलिए हमें जाति-पाति, धर्म, मजहब, ऊंच-नीच आदि हर भेदभाव व संकीर्ण विचारधारा को त्यागकर सौहार्द भाव से सभी त्योहारों को हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। श्री कश्यप ने आगे कहा कि अपनी लोक संस्कृति एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए सभा द्वारा अब प्रतिवर्ष ‘तीज-उत्सव’ बड़े स्तर पर सामूहिक रूप से मनाया जाएगा।

तीज-उत्सव के अवसर पर महिलाओं ने मिलकर मेहन्दी रचाई और पारंपरिक लोकगीतों के साथ नृत्य किया। इसके अलावा सरसों के तेल से बने पकवान गुलगुले, सुहाली, पूड़े आदि भी बनाए गए। इसके साथ ही एक सामूहिक झूला डाला गया और सभी ने बारी-बारी से झूले का आनंद लिया।

इस अवसर पर सभा के सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे जब भी बारिश होगी, प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पौधा अवश्य लगाएगा, ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके और चारों तरफ खुशहाली का वातावरण बन सके।





तीज उत्सव मनातीं  एवं झूला झूलतीं कश्यप समाज की महियायें ...


समाचार पत्रों की नजर में ........




 
(दैनिक  भास्कर, आज समाचार, दैनिक हरिभूमि एवं   दैनिक जागरण समाचार पत्रों के पत्रकारों को इस स्नेह के लिए तहेदिल से आभार एवं धन्यवाद.
-राजेश कश्यप, प्रधान

मंगलवार, 21 जून 2011

जनता जाग चुकी, अब सत्ता की बारी / राजेश कश्यप

आदरणीय साथियो, सादर नमस्कार.
गत दिनों 20 जून, 2011 को दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र के सम्पादकीय पेज पर अपना एक विचारोतेजक लेख "जनता जाग चुकी, अब सत्ता की बारी"   प्रकाशित हुआ, जिसमें सरकार को सीधे-सीधे आगाह करने का प्रयास किया गया है की वो राजनीतिक पैंतरेबाजी छोड़कर जनता की उम्मीदों के मुताबिक एक सख्त लोकपाल बिल बनाये और भ्रष्टाचार के नासूर को मिटाने के लिए कठोर कदम उठाये. यदि सरकार जनता की भावनाओं का दमन करती रही तो देश में स्थिति एकदम भयंकर हो सकती है. क्योंकि अब जनता जाग चुकी है. यह लेख आपकी सेवा में हाजिर है.

( नोट : हम इस लेख के प्रकाशनीय सहयोग के लिए दैनिक हरिभूमि के संपादक एवं उनकी पूरी टीम का तहेदिल से आभार प्रकट करते हैं.)


मंगलवार, 7 जून 2011

देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए माफी मांगे सरकार : राजेश कश्यप


देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए माफी मांगे सरकार : राजेश कश्यप




‘देश में भ्रष्टाचार और मासूमों पर अत्याचार के लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए देशवासियों को भरोसा दिलाना चाहिए, वरना सरकार को भविष्य में इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।’ ये चेतावनी देते हुए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने कहा कि कश्यप राजपूत सभा सरकार द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में सत्याग्रही अनशनकारियों पर दमनात्मक पुलिसिया कार्यवाही की पुरजोर निन्दा व भर्त्सना करती है। श्री कश्यप ने कहा कि आखिर क्यों सरकार अंग्रेजों वाली ‘अपार भ्रष्टाचार के जरिए देश की अथाह सम्पति को लूटने’, ‘भ्रष्टाचार के विरूद्ध अहिंसावादी सत्याग्रहियों पर दमनचक्र चलाने’ और ‘फूट डालो व राज करो’ जैसी काली कूटनीतियों को दोहरा रही है। यदि सरकार इन अंग्रेजी कुटनीतियों को नहीं छोड़ेगी तो पूरे देश व समाज को निश्चित तौरपर दूसरा स्वतंत्रता संग्राम लड़ना होगा, पहले की भांति ही हर तरह की कुर्बानियां देने को विवश होना पड़ेगा और निश्चित तौरपर इसके लिए देश व समाज अपनी कमर कस चुका है।
प्रधान राजेश कश्यप ने कहा कि गाँधीवादी नेता अण्णा हजारे को सरकार के दमनात्मक रवैए के प्रति जंतर-मंतर पर एक दिन के लिए सांकेतिक अनशन की इजाजत न मिलना ‘गुलामी’ वाले दिनों की याद दिलाता है। श्री कश्यप ने कहा कि वे भी भ्रष्टाचार और सरकार की दमनात्मक कार्यवाही के विरूद्ध अपना सांकेतिक विरोध दर्ज करवाने के लिए 8 जून को अनशन पर रहेंगे और साथ ही भगवान से प्रार्थना करेंगे कि वो वर्तमान सरकार को सद्बुद्धि दे।


समाचार पत्रों की नज़ारे इनायत .......
 




(उपर्युक्त सहयोग के लिए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक दैनिक जागरण, आज समाज, दैनिक हरिभूमि और दैनिक भास्कर समाचार पत्रों एवं रोहतक से स्थानीय सवांददाताओं का तहेदिल से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद प्रकट करती है. )

मंगलवार, 24 मई 2011

बड़ी धूमधाम से मनाई गई महर्षि कश्यप जयन्ति


हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक द्वारा महर्षि कश्यप जयन्ति बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कश्यप  मोहल्ला में एक विशेष  समारोह भी आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश कश्यप ने की। श्री कश्यप ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कश्यप राजपूत समाज अपने हकों को हासिल करने के लिए अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और इसके लिए समाज पूरी तरह जागरूक एवं एकजूट हो चुका है। उन्होंने कहा कि कश्यप राजपूत समाज की प्रदेश में लगभग नौ लाख की आबादी है, इसके बावजूद उसे सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों के तहत न तो राजनीतिक भागीदारी मिल पा रही है और न ही उसकी कोई सुध ली जा रही है। राजेश कश्यप ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने शीघ्रातिशीघ्र कश्यप राजपूत समाज की दीन-हीन दशा की सुध नहीं ली तो समाज अपने राजनीतिक विकल्प पर पुर्नविचार करने के लिए बाध्य हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से प्रत्येक वर्ष 24 मई को महर्षि कश्यप जयन्ति पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग भी की।

समारोह के संयोजक रोहतक ब्लॉक के प्रधान महेन्द्र सिंह, समाजसेवी मुकेश कश्यप एवं पूर्व प्रधान सुरेश कश्यप थे। समारोह में भारतीय अम्बेडकर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. गजानंद वर्मा, राष्ट्रीय क्रान्तिकारी सन्त महाराज बलबीर दास, हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया और हरियाणवी फिल्मों के अभिनेता एवं निर्माता-निर्देशक  कुलदीप रोहिल्ला बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। समारोह के सभी वक्ताओं ने कश्यप समाज की एकजूटता के लिए बधाई दी और सरकार से आग्रह किया कि इस गरीब समाज को राजनीतिक भागीदारी दे। विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में कश्यप राजपूत समाज को उसके संघर्ष में तन-मन-धन से हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

समारोह के प्रारंभ में महर्षि कश्यप जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और दीप प्रज्जवलन किया गया। समारोह के अंत में विशिष्ट अतिथियों एवं विशिष्ट समाजसेवियों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी पदाधिकारियों के अलावा रोहताश, राजेश, सुरेश, गोविन्द, जगदीश, परमानंद, जयनारायण, सूरजभान, महेन्द्र सिंह, नफे सिंह, मुकेश, जयभगवान, सत्यवान, प्रदीप, अन्नू, मनोज, महेन्द्र, प्रवीण, अजय, विनोद, पवन, हरदेव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर सृष्टि सृजक महर्षि कश्यप के नाम पर भण्डारे का आयोजन भी किया गया एवं प्रसाद वितरित किया गया।


कैमरे की नजर से.....














समाचार पत्रों की नजर से.....












 

सोमवार, 23 मई 2011

सृष्टि के महासृजक : महर्षि कश्यप / राजेश कश्यप

24 मई, 2011 जयन्ति विशेष



महर्षि कश्यप जी

हमारे देश की पावन भूमि अनेक ऋषि-मुनियों, साधु-सन्तों और भक्तों की जन्म एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन धरा पर भगवान विष्णु भी कई बार स्वयं अपना अवतार ले चुके हैं। इसी पावन धरती पर सप्तऋषि महर्षि कश्यप जी सृष्टि के रचियता भगवान ब्रहा्रा जी के आदेशानुसार सृष्टि की सृजना करने के लिए अवतरित हुए। मुनिराज महर्षि क’यप ब्रहा्रा जी के मानस-पुत्र और मरीची ऋषि के महातेजस्वी पुत्र थे। इन्हें ‘अरिष्टनेमी’ के नाम से भी जाना जाता था। महर्षि कश्यप की माता का नाम कला था, जोकि कर्दम ऋषि की पुत्री और कपिल देव की बहन थी। मुनिराज कश्यप पिंघले हुए सोने जैसे महातेजस्वी थे। उनकी जटाएं अग्नि-ज्वालाएं जैसी थीं। महर्षि क’यप ऋषि-मुनियों में श्रेष्ठ माने जाते थे। सुर-असुरों के मूल पुरूष मुनिराज कश्यप का आश्रम मेरू पर्वत के शिखर पर था, जहां वे पर-ब्रह्म  परमात्मा के ध्यान में मग्न रहते थे।

पौराणिक सन्दर्भों के अनुसार सृष्टि की रचना करने के लिए ब्रहा्राण्ड में सर्वप्रथम भगवान ब्रहा्रा जी प्रकट हुए। ब्रहा्रा जी के दाएं अंगूठे से दक्ष प्रजापति हुए। ब्रहा्रा जी के अनुनय-विनय पर दक्ष प्रजापति ने अपनी पत्नी असिक्रि के गर्भ से ६० कन्याएं पैदा कीं। इन कन्याओं में से १३ कन्याएं महर्षि कश्यप की पत्नियां बनीं। मुख्यत: इन्ही कन्याओं से सृष्टि का सृजन हुआ और महर्षि कश्यप सृष्टि के सृजक बने। महर्षि कश्यप सप्तऋषियों में प्रमुख माने गए हैं। सप्तऋषियों की पुष्टि श्री विष्णु पुराण में इस प्रकार होती है :-

वसिष्ठ: का’यपो∙यात्रिर्जमदग्निस्सगौतम:।

वि’वामित्रभरद्वाजौ सप्त सप्तर्षयो∙भवन्।।

(अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं - वसिष्ठ, क’यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र  और भारद्वाज।)

श्रीमद्भागवत के छठे अध्याय के अनुसार दक्ष प्रजापति ने अपनी साठ कन्याओं मंे से दस कन्याओं का विवाह धर्म के साथ, तेरह कन्याओं का विवाह महर्षि कश्यप के साथ, सत्ताईस कन्याओं का विवाह चन्द्रमा के साथ, दो कन्याओं का विवाह भूत के साथ, दो कन्याओं का विवाह अंगीरा के साथ, दो कन्याओं का विवाह कश्यप के साथ और शेष चार कन्याओं का विवाह भी ताक्ष्र्यधारी कश्यप के साथ ही कर दिया। इस प्रकार महर्षि क’यप की अदिति, दिति, दनु, काष्ठा, अरिष्टा, सुरसा, इला, मुनि, क्रोधवशा, ताम्रा, सुरभि, सुरसा, तिमि, विनता, कद्रू, पतांगी और यामिनि आदि पत्नियां बनीं।

महर्षि कश्यपने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से बारह आदित्य पैदा किए, जिनमें सर्वव्यापक देवाधिदेव नारायण का वामन अवतार भी शामिल था। श्री विष्णु पुराण के अनुसार :

मन्वन्तरे∙त्र सम्प्राप्ते तथा वैवस्वतेद्विज।

वामन: क’यपाद्विष्णुरदित्यां सम्बभुव ह।।

त्रिमि क्रमैरिमाँल्लोकान्जित्वा येन महात्मना।

पुन्दराय त्रैलोक्यं दत्रं निहत्कण्टकम्।।

(अर्थात्-वैवस्वत मन्वन्तर के प्राप्त होने पर भगवान् विष्णु कश्यप जी द्वारा अदिति के गर्भ से वामन रूप में प्रकट हुए। उन महात्मा वामन जी ने अपनी तीन डगों से सम्पूर्ण लोकों को जीतकर यह निष्कण्टक त्रिलोकी इन्द्र को दे दी थी।)

पौराणिक सन्दर्भो के अनुसार चाक्षुष मन्वन्तर में तुषित नामक बारह श्रेष्ठगणों ने बारह आदित्यों के रूप में महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से जन्म लिया, जोकि इस प्रकार थे -विवस्वान्, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरूण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम (भगवान वामन)। महर्षि क’यप के पुत्र विवस्वान् से मनु का जन्म हुआ। महाराज मनु को इक्ष्वाकु, नृग, धृष्ट, शर्याति, नरिष्यन्त, प्रान्’ाु, नाभाग, दिष्ट, करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।

महर्षि क’यप ने दिति के गर्भ से परम् दुर्जय हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष नामक दो पुत्र एवं सिंहिका नामक एक पुत्री पैदा की। श्रीमद्भागवत् के अनुसार इन तीन संतानों के अलावा दिति के गर्भ से क’यप के ४९ अन्य पुत्रों का जन्म भी हुआ, जोकि मरून्दण कहलाए। कश्यप के ये पुत्र नि:संतान रहे। देवराज इन्द्र ने इन्हें अपने समान ही देवता बना लिया। जबकि हिरण्याकश्यप को चार पुत्रों अनुहल्लाद, हल्लाद, परम भक्त प्रहल्लाद, संहल्लाद आदि की प्राप्ति हुई।

महर्षि कश्यप को उनकी पत्नी दनु के गर्भ से द्विमुर्धा, शम्बर, अरिष्ट, हयग्रीव, विभावसु, अरूण, अनुतापन, धुम्रके’ा, विरूपाक्ष, दुर्जय, अयोमुख, शंकुशिरा, कपिल, शंकर, एकचक्र, महाबाहु, तारक, महाबल, स्वर्भानु, वृषपर्वा, महाबली पुलोम और विप्रचिति आदि ६१ महान् पुत्रों की प्राप्ति हुई। रानी काष्ठा से घोड़े आदि एक खुर वाले पशु उत्पन्न हुए। पत्नी अरिष्टा से गन्धर्व पैदा हुए। सुरसा नामक रानी की कोख से यातुधान (राक्षस) उत्पन्न हुए। इला से वृक्ष, लता आदि पृथ्वी में उत्पन्न होने वाली वनस्पतियों का जन्म हुआ। मुनि के गर्भ से अप्सराएं जन्मीं। कश्यप की क्रोधवशा  नामक रानी ने साँप, बिच्छु आदि विषैले जन्तु पैदा किए। ताम्रा ने बाज, गीद्ध आदि शिकारी पक्षियों को अपनी संतान के रूप में जन्म दिया। सुरभि ने भैंस, गाय तथा दो खुर वाले पशुओं की उत्पति की। रानी सरसा ने बाघ आदि हिंसक जीवों को पैदा किया। तिमि ने जलचर जन्तुओं को अपनी संतान के रूप में उत्पन्न किया।

महर्षि कश्यप ने रानी विनता के गर्भ से गरूड़ (भगवान विष्णु का वाहन) और वरूण (सूर्य का सारथि) पैदा किए। कद्रू की कोख से अनेक नागों का जन्म हुआ। रानी पतंगी से पक्षियों का जन्म हुआ। यामिनी के गर्भ से शलभों (पतिंगों) का जन्म हुआ। ब्रहा्रा जी की आज्ञा से प्रजापति क’यप ने वै’वानर की दो पुत्रियों पुलोमा और कालका के साथ भी विवाह किया। उनसे पौलोम और कालकेय नाम के साठ हजार रणवीर दानवों का जन्म हुआ जोकि कालान्तर में निवातकवच के नाम से विख्यात हुए।

मुनिराज कश्यप नीतिप्रिय थे और वे स्वयं भी धर्म-नीति के अनुसार चलते थे और दूसरों को भी इसी नीति का पालन करने का उपदे’ा देते थे। उन्होने अधर्म का पक्ष कभी नहीं लिया, चाहे इसमें उनके पुत्र ही क्यों न शामिल हों। महर्षि क’यप राग-द्वेष रहित, परोपकारी, चरित्रवान और प्रजापालक थे। वे निर्भिक एवं निर्लोभी थे। क’यप मुनि निरन्तर धर्मोपदेश  करते थे, जिनके कारण उन्हें श्रेष्ठतम उपाधि हासिल हुई। समस्त देव, दानव एवं मानव उनकी आज्ञा का अक्षरश: पालन करते थे। उन्ही की कृपा से ही राजा नरवाहनदत्त चक्रवर्ती राजा की श्रेष्ठ पदवी प्राप्त कर सका।

महर्षि कश्यप अपने श्रेष्ठ गुणों, प्रताप एवं तप के बल पर श्रेष्ठतम महानुभूतियों में गिने जाते थे। महर्षि कश्यप ने समाज को एक नई दिशा देने के लिए ‘स्मृति-ग्रन्थ’ जैसे महान् ग्रन्थ की रचना की। इसके अलावा महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप-संहिता’ की रचना करके तीनों लोकों में अमरता हासिल की। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार ‘कस्पियन सागर’ एवं भारत के शीर्ष प्रदेश कश्मीर का नामकरण भी महर्षि कश्यप जी के नाम पर ही हुआ। महर्षि कश्यप द्वारा संपूर्ण सृष्टि की सृजना में दिए गए महायोगदान की यशोगाथा हमारे वेदों, पुराणों, स्मृतियों, उपनिषदों एवं अन्य अनेक धार्मिक साहित्यों में भरी पड़ी है, जिसके कारण उन्हें ‘सृष्टि के महासृजक’ उपाधि से विभूषित किया जाता है। ऐसे महातेजस्वी, महाप्रतापी, महाविभूति, महायोगी, सप्तऋषियों में महाश्रेष्ठ व सृष्टि सृजक महर्षि क’यप जी को कोटि-कोटि प्रणाम। (महर्षि कश्यप जी का फोटो संलग्न है।)

(लेखक हरियाणा कश्यप राजपूत सभा की ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सैल के ‘अध्यक्ष’ हैं।’ इसके  साथ ही  हरियाणा कश्यप राजपूत सभा रोहतक के प्रधान एवं सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी भी हैं. ).




सांझी’ के प्रभारी श्री राजेश चुघ एवं जागरण परिवार की समस्त टीम का हृदय से आभार

हरियाणा कश्यप राजपूत समाज, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप द्वारा १८५७ की क्रांति में लिबासपुर (सोनीपत) एवं क्रांतिकारी शहीद उदमी राम एवं उनके शहीद साथियों की शहादत को नमन स्वरूप लिखे गए विशेष लेख को दैनिक जागरण की प्रतिष्ठित मैग्जिन ‘सांझी’ में दिनांक २३ मई, २०११ को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके लिए हम ‘सांझी’ के प्रभारी श्री राजेश चुघ एवं जागरण परिवार की समस्त टीम का कश्यप राजपूत समाज हृदय से आभार प्रकट करता है।

संबंधित प्रकाशित लेख निम्नलिखित है :-



पंजाब केसरी के संपादक एवं उनकीं टीम का हृदय से आभार

हरियाणा कश्यप राजपूत, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप द्वारा २४ मई को महर्षि कश्यप जयन्ति के सन्दर्भ में लिखित विशेष लेख को पंजाब केसरी, जालन्धर ने "सप्तऋषियों में प्रमुख महर्षि कश्यप" शीर्षक के तहत प्रकाशित किया। कश्यप राजपूत समाज तहेदिल से पंजाब केसरी के संपादक एवं उनकीं टीम का हृदय से आभार प्रकट करती है।

संबंधित प्रकाशित लेख निम्नलिखित है :-


रविवार, 22 मई 2011

भ्रामक भविष्यवाणी पर कश्यप राजपूत समाज की रही कड़ी प्रतिक्रिया

21 मई, 2011 को दुनिया खत्म हो जाने की भविष्यवाणी के प्रति कश्यप राजपूत समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हरियाणा कश्यप राजपूत समाज, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने दैनिक जागरण द्वारा राय जानने पर एकदम कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि, "इस तरह की भविष्यवाणी भ्रामक व निराधार है। ये सिर्फ धार्मिक पाखण्ड के अलावा और कुछ नहीं है। आज २१वीं सदी में आकर इस तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए मीडिया का इस तरह की खबरों का अधिक प्रचार ठीक नहीं है।"

दैनिक जागरण में प्रकाशित राय की संबंधित छायाप्रति निम्नलिखित है :

गुरुवार, 19 मई 2011

महर्षि कश्यप जयन्ति समारोह के लिए सादर आमंत्रण




आदरणीय भाईयों, बहनों और माताओं!

सादर नमस्कार।

सर्वप्रथम आपको ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ (24 मई) की हार्दिक बधाईयां एवं शुभकामनाएं।

आपको यह जानकार अति हर्ष होगा कि इस वर्ष  24 मई को हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा जिला स्तरीय ‘महर्षि कश्यप जयन्ति समारोह’ जिला रोहतक में पुरानी सब्जी मण्डी के पास कश्यप मौहल्ला में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर आप सभी सादर आमंत्रित हैं। कृपा करके आप प्रात: 10:00 बजे तक समारोह स्थल पर पहुंचने का कष्ट करें।

एक बार फिर आपको ‘महर्षि कश्यप जयन्ति’ पर हार्दिक बधाईयां एवं शुभकामनाएं।

-राजेश कश्यप


मोबाईल नं. 09416629889

प्रधान

रविवार, 8 मई 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा द्वारा ‘कन्या-जननी मातृ सम्मान समारोह’ आयोजित

'मदर्स डे' विशेष
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा द्वारा
‘कन्या-जननी मातृ सम्मान समारोह’ आयोजित

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान  श्री  राजेश  कश्यप अपना अध्यक्षीय भाषण देते हुए 


हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप कन्याओं को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित करते हुए    

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक द्वारा ‘कन्या-जननी मातृ सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष सभा के प्रधान एवं युवा समाजसेवी राजेश कश्यप थे। श्री कश्यप ने समारोह में कश्यप समाज की उन माताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने हाल ही में कन्याओं को जन्म दिया है। समारोह में श्रीमती उषा देवी, श्रीमती सीमा देवी, श्रीमती रीना देवी, श्रीमती सीमा रानी आदि को ‘कन्या-जननी मात् सम्मान’ से नवाजा गया और नवजात कन्याओं को आशीर्वा दिया गया। अपने अध्यक्षीय भाषण में राजेश कश्यप ने कन्याओं की निरन्तर होती कमी की समस्या पर विस्तार से प्रकाश डाला और गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कन्याएं इसी तरह कम होती रहीं तो हमारे आने वाले कल पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। श्री कश्यप ने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि वे कन्या-भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने में अपना सक्रिय योगदान दें और कन्याओं का पूरा सम्मान करें। श्री कश्यप ने आगे कहा कि प्रदेश स्तर पर कन्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सामाजिक जागरूकता के लिए अभियान चलाया जाएगा।

समारोह में कश्यप राजपूत सभा के पदाधिकारियों ने अपनी माताओं को भी सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर श्रीमती शरतल, श्रीमती कैलाशो देवी, महेन्द्र सिंह कश्यप, करतार सिंह कश्यप, वेदप्रकाश कश्यप, सत्यवान कश्यप, सतपाल कश्यप, मनोज कश्यप, सत्य कश्यप, सतदेव कश्यप, मनोज कश्यप, पवन कश्यप, अन्नू कश्यप आदि समाजसेवी उपस्थित थे।
 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप कन्याओं को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित करते हुए

 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप कन्याओं को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित करते हुए
 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप कन्याओं को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित करते हुए
 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप  व अन्य अपनी-अपनी माताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए

 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप कन्याओं को जन्म देने वाली माताओं को सम्मानित करते हुए


समाचार पत्रों के आईने में ..........


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गुरुवार, 5 मई 2011

अति आवश्यक सूचना / राजेश कश्यप


आदरणीय कश्यप बन्धुओं,

जय महर्षि कश्यप जी की.

इस वर्ष भी हम आगामी 24 मई को महर्षि कश्यप जयन्ति बड़ी धूमधाम से मनाने जा रहे हैं। आपको सादर सूचित किया जाता है कि इस वर्ष हम प्रदेश स्तर पर महर्षि कश्यप जयन्ति मनाने की इच्छा रखते हैं। प्रदेश स्तर पर महर्षि कश्यप जयन्ति मनाने हेतू विचार मन्थन करने के लिए हरियाणा कश्यप राजपूत सभा द्वारा आगामी रविवार, दिनांक 8 मई, 2011 को प्रात: 10 बजे कश्यप राजपूत धर्मशाला, कुरूक्षेत्र में प्रदेश स्तरीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है। आपसे नम्र निवेदन है कि आप समय निकालें और इस बैठक में जरूर हिस्सा लें और महर्षि कश्यप जयन्ति को प्रदेश स्तर पर मनाने बारे अपने विचारों एवं सुझावों से अवगत करवाएं। बैठक में आपका इन्तजार रहेगा। कृपा करके सही समय पर पहुंचने का कष्ट करें।

सोमवार, 18 अप्रैल 2011

‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच, हरियाणा’ की प्रथम कार्यकर्ता बैठक धूमधाम से संपन्न


मंच पर विराजमान वरिष्ठ नेता

गत १७ अप्रैल, २०११ को सैनी एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री अनील सैनी की अध्यक्षता में ‘पिछड़ा वर्ग एकता मंच, हरियाणा’ की प्रथम कार्यकर्ता बैठक हुई। यह बैठक मंच की कार्यकारिणी के चुनाव के लिए बुलाई गई थी। लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते कार्यकारिणी के चुनाव का कार्यक्रम आगामी बैठक तक सर्वसम्मति से टाल दिया गया। इस बैठक में पिछड़ा वर्ग की सभी बिरादरियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भाग लिया। इस बैठक में कश्यप समाज की तरफ से हरियाणा कश्यप समाज के सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष श्री सुन्दर कश्यप, जिला रोहतक प्रधान श्री राजेश कश्यप सहित अन्य पदाधिकारियों व समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए हरियाणा कश्यप समाज के सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया ने पिछड़ा वर्ग के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पदों का लालच त्यागकर समाज को एकसूत्र में पिरोने के लिए संकल्पबद्ध हों। सैनी एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री अनील सैनी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भारी संख्या में लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर की कार्यकारिणी के साथ-साथ जिला स्तरीय कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव किया जाएगा, जिसमें उत्कृष्ठ एवं Åर्जावान समाजसेवी लोगों को मौका दिया जाएगा। हरियाणा कश्यप राजपूतस सभा रोहतक के प्रधान श्री राजेश कश्यप ने कार्यकर्ताओं का विश्वास दिलाया कि पिछड़ा वर्ग के हकों की लड़ाई में उनका समाज किसी से पीछे नहीं रहेगा और कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया जाएगा। पिछड़ा वर्ग एकता मंच, हरियाणा की आगामी बैठक की सूचना भी इस ब्लॉग्स पर प्रकाशित की जाएगी।

बुधवार, 13 अप्रैल 2011

सादर आमंत्रण : कार्यक्रम : हरियाणा पिछड़ा वर्ग एकता मंच की कार्यकारिणी का चुनाव।



पिछड़ा वर्ग के सभी प्यारे भाईयो और बहनों,

आपको सादर सूचित किया जाता है कि पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए प्रदेश स्तरीय ‘हरियाणा पिछड़ा वर्ग एकता मंच’ की गत 27 मार्च, 2011 को जीन्द में हो चुकी है। इस मंच की कार्यकारिणी के सदस्यों के चुनाव के लिए आगामी 17 अप्रैल, 2011, रविवार को कार्यक्रम तय किया गया है। इसलिए आप सभी से सादर अनुरोध है कि कृपा करके समय निकालें और इस कार्यकारिणी के लिए योग्य सदस्यों का चुनाव करने में अपनी अमूल्य भूमिका निभाएं। प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार है :-

कार्यक्रम : हरियाणा पिछड़ा वर्ग एकता मंच की कार्यकारिणी का चुनाव।

दिनांक : 17 मार्च, 2011, रविवार।

स्थान : सैनी धर्मशाला, निकट गौड़ ब्राहमण डिग्री कॉलेज, रोहतक।

समय : प्रात 10:00 बजे।

आप सब उपर्युक्त कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं।



(प्रिय पाठक ! कृपया करके अपनी प्रतिक्रिया/सुझाव जरूर दें। आपकी बड़ी कृपा होगी। आदर सहित - राजेश कश्यप)

सोमवार, 11 अप्रैल 2011

ब्लॉग अनुसरण करने वाले मित्रों का हार्दिक स्वागत एवं तहेदिल से धन्यवाद / राजेश कश्यप

मेरे  सभी आदरणीय ब्लॉग  अनुसरणकर्ता मित्रों !
मैं आपका तहेदिल से अत्यन्त आभार व्यक्त करता हूँ कि आपने अपना कीमती समय दिया और ब्लॉग का अनुसरण किया। आप समय निकालकर अपनी प्रतिक्रिया एवं सुझाव भी देते हैं, इसके लिए आपको सादर नमन। मेरे एक अनुसरणकर्ता मित्र श्री हरजीत कश्यप का मैं विशेष धन्यवाद व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने सबसे अधिक अपनी अत्यन्त ज्ञानवद्र्धक टिप्पणियां, अनमोल सुझाव और अनूठी जानकारियां ब्लॉग्स पर अंकित की हैं।

१० अप्रैल, २०११ तक मेरे ब्लॉग अनुसरणकर्ता मित्र हैं :



आपका एक बार फिर ब्लॉग अनुसरण करने और अपनी अनमोल प्रतिक्रिया देने के लिए अत्यन्त धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूँ। इसके साथ ही मैं आपसे नम्र निवेदन करना चाहता हूँ कि कृपया अपना पूरा पता भी ब्लॉग्स पर अंकित करने का कष्ट करें, ताकि भविष्य में समाज द्वारा आयोजित किए जाने वाले किसी शानदार समारोह में आपको विशेष तौरपर मान-सम्मान के लिए सादर आमंत्रित करने में सुविधा हो सके। एक फिर आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।

मुझे बड़ा गर्व एवं खुशी है कि आपके इस ब्लॉग को १० अपै्रल, २०११ की दोपहर तक भारत के १०२६ लोगों सहित दुनिया के अन्य देशों संयुक्त राज्य अमेरिका के २९, कनाडा के ७, ब्रिटेन के ५, रूस के ४, जापान के ३, संयुक्त अमीरात के २, जर्मनी के २, हंगरी के २ और कतर के दो लोगों ने भी पढ़ा है। मैं अपने देश एवं विदेश के सभी मित्रों का बहुत-बहुत धन्यवादी हूँ। शुक्रिया मेहरबानी।

जय हो...लोकतंत्र जीता और भ्रष्टतंत्र हारा / राजेश कश्यप


जय हो...
लोकतंत्र जीता और भ्रष्टतंत्र हारा

-राजेश कश्यप

लोकतंत्र...तेरी जय हो। चार साल में वो कर दिखाया जो पिछले चालीस साल में नहीं हो पाया। सचमुच इसी को वास्तव में लोकतंत्र कहते हैं। जिस लोकपाल बिल की अनुशंसा प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने सन् १९६६ में की थी और जिसको १९६९ की चौथी लोकसभा में पारित करवाकर, भ्रष्टाचारी व नक्कारा सरकारों द्वारा इसे राज्यसभा में पास करवाने का १९७१, १९७५, १९७७, १९८५, १९८९, १९९६, १९९८, २००१, २००४, २००८ में ऐसा सुनियोजित ड्रामा रचा गया कि आम जन-मानस इसके पटाक्षेप की बाट जोहन के सिवाय कुछ न कर सका। उसी लोकपाल बिल को लोकतंत्र ने देखते ही देखते गिने-चुने चार दिन में अपनी शर्तों पर मनवाने व लागू करवाने के लिए सरकार को घूटनों के बल चलने के लिए विवश कर दिया। हकीकत में यह लोकतंत्र की जीत है। जब लोकतंत्र अपनी लय में भ्रष्टाचारियों को ललकारता है तो भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों की चूलें हिलाकर रख देता है।

हाल ही में टूयूनिशिया, मिश्र और लीबिया में क्या हुआ? चार दशक से अधिक तानाशाहों, भ्रष्टाचारियों और अय्याशों के तख्तोताज+ मिट्टी में मिलाकर रख दिए। वहां भी भ्रष्टाचार, मंहगाई, बेरोजगारी व बेकारी ने लोगों को अपनी लोकतांत्रिक शक्ति दिखाने के लिए मजबूर कर दिया था। उसी तर्ज पर भारत में भी जन-क्रांति की सुगबुगाहट तेज हो चली थी। क्योंकि यहां भी भ्रष्टाचार से देश खोखला हो चुका था और आम जन-मानस मंहगाई, बेरोजगारी, बेकारी व भूखमरी से बौखला चुका था। ऐसे में दिल्ली के जंतर-मंतर से अण्णा हजारे की एक आवाज आने की देर भर थी कि देश के कोने-कोने से उफन पड़ा जन-समर्थन का सैलाब। बच्चे, बूढ़े, नौजवान, किसान, मजदूर, महिला, पुरूष, हर वर्ग व हर मजहब के लोग भ्रष्टाचार पर नकेल डालने के लिए सड़कों पर उतर आया। सरकार की रातों की नींद और दिन का चैन एकाएक यूं गायब हो गया, जैसे गधे के सिर से सींग।

लोगों के आक्रोश, देशभक्ति के ज्वार और स्वतंत्रता संग्राम के दूसरे युद्ध के ऐलान ने पूरे विश्व को चौंकाकर रख दिया। भ्रष्टाचारियों के छक्के छूट गए। रातोंरात नेताओं को दिन में नानी याद आ गई और शरद पवार तक को लोकपाल बिल समिति से इस्तीफा देकर अपनी जान छुड़ाने में अपनी भलाई नजर आई। यही तो लोकतंत्र होता है। जब तक लोकतंत्र खामोश रहता है, तब तक भ्रष्टतंत्र स्वयं को अजेय समझने के भ्रम में दु:साहसी बनाता चला जाता है और जब लोकतंत्र अपनी अपनी आवाज बुलन्द करता है तो भ्रष्टतंत्र की हेकड़ी ढ़ीली हो जाती है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पिछले छह दशक से देश के लोग जीप घोटाले से लेकर २ जी स्पेक्ट्रम घोटाले तक खून का घूंट पीते रहे, लेकिन घोटालेबाज, भ्रष्टाचारी और आपराधिक प्रवृति के नेता लोग जनता की खामोशी का नाजायज फायदा उठाते रहे और घोटाले पर घोटाले करते रहे।

एक अनुमान के मुताबिक एक तरफ ४०० लाख करोड़ रूपये से अधिक विदेशी बैंकों में काले धन के रूप में जा पहुंचे और चारा घोटाला, बोफोर्स घोटाला, राष्ट्रण्डल खेल घोटाला, तहलका काण्ड, स्टाम्प पेपर घोटाला, सत्यम घोटाला, टू जी स्पैक्ट्रम घोटाला, सत्यम घोटाला, आदर्श सोसायटी घोटाला....न जाने कितने घोटालों की बाढ़ दिनोंदिन बढ़ती चली गई। पैसे के बल पर चुनाव जीतने और पैसे के बल पर सरकार बचाने का दस्तूर बना दिया गया। अपराधी और भ्रष्ट लोग लोकतंत्र के मंदिर संसद में पहुंच कर सरेआम गुंडई करने पर उतारू हो गए। संसद में भी पैसे लेकर प्रश्न रखे जाने लगे। नैतिक, हया और जमीर नाम की कोई चीज ही नहीं बची। मंहगाई और भष्टाचार ने लोगों की कमर तोड़कर रख दी। काला बाजारी ने लोगों के निवाले पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया। अमीर और गरीब की खाई को रातोंरात दु्रतगति से बढ़ा दिया। यह भ्रष्टाचारी सरकारों की अति थी। यह सृष्टि का नियम है कि हर अति का भी अंत होता है। अंतत: वही हुआ। भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा को भी पार कर गया।

भ्रष्टखोर नेताओं ने देश को जितना लूटा, उतना तो २५० वर्षों में गौरे अंग्रेजों ने भी नहीं लूटा था। इसी लिए आम जन-मानस की नजरों में सत्ताधारी लोग ‘काले अंग्रेज’ बन गए हैं और इसीलिए संसद पर हुए आतंकवादी हमले के नाकाम होने के बाद बहुत से लोगों की यह दबी हुई आत्मिक आवाज थी कि काश आतंकवादी अपने मसंूबे में सफल हो जाते और इन बेईमान भ्रष्टाचारी नेताओं से देश को निजात मिलती। अपने देश के बारे में ऐसी सोच व भावना पैदा होना राष्ट्रद्रोह अथवा विडम्बना की बात नहीं, बल्कि एक बेबस हो चुके जनतंत्र की भ्रष्टतंत्र के प्रति बद्दुआ थी। देश के भ्रष्टतंत्र ने देश का सारा पैसा और ऐशोआराम दस प्रतिशत लोगों तक सीमित करके रख दिया। हकीकत में गरीबी बढ़ती रही और आंकड़ों में गरीबी की निरन्तर गिरावट व विकास दर Åँची दिखाई जाती रही।

कुछ समय पहले प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेश तेन्दुलकर की अध्यक्षता में गठित समिति के अध्ययन के अनुसार देश का हर तीसरा आदमी गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा है। गाँवों में रहने वाले ४१.८ प्रतिशत लोग जीवित रहने के लिए हर माह सिर्फ ४४७ रूपये खर्च कर पाते हैं। देश के ३७ प्रतिशत से ज्यादा लोग गरीब हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के अनुमान से १० प्रतिशत अधिक है। जबकि भारत सरकार द्वारा नियुक्त अर्जुन सेन गुप्त आयोग के अनुसार भारत के ७७ प्रतिशत लोग (लगभग ८३ करोड़ ७० लाख लोग) २० रूपये से भी कम रोजाना की आय पर किसी तरह गुजारा करते हैं। जाहिर है कि महज २० रूपये में जरूरी चीजें भोजन, वस्त्र, मकान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य आदि पूरी नहीं की जा सकती। इनमें से २० करोड़ से अधिक लोग तो केवल और केवल १२ रूपये रोज से अपना गुजारा चलाने को विवश हैं। केवल इतना ही नहीं, विकास बैंक के अनुसार यह आंकड़ा ६२.२ प्रतिशत बनता है। केन्द्र सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समूह द्वारा सुझाए गए मापदण्डों के अनुसार देश में गरीबों की संख्या ५० प्रतिशत तक हो सकती है। गरीबों की विश्व बैंक के अनुसार भारत में वर्ष २००५ में ४१.६ प्रतिशत लोग गरीबी की रेखा से नीचे थे। एशियाई गिनती के लिए मापदण्ड तय करने में जुटे विशेषज्ञों के समूह की बात यदि सरकार स्वीकार करती है तो देश की ५० प्रतिशत आबादी गरीबी की रेखा से नीचे (बीपीएल) पहुंच जाएगी। जनता का सरकार से विश्वास उठ गया है। सरकार की भ्रष्ट नीतियों एवं बनावटी आंकड़ों ने जनतंत्र में शनै:-शनै: भयंकर आक्रोश भरकर रख दिया है।

इसी की अभिव्यक्ति गत ५ से ८ अप्रैल की अवधि में चले अप्रत्याशित जन-आन्दोलन के रूप में थी। जनता के अन्दर भ्रष्ट सत्ताधारियों के प्रति गहरी नाराजगी थी, लेकिन नेता अपनी भ्रष्टता से बाज नहीं आ रहे थे। इसी के चलते जंतर-मंतर पर उमड़े जन-सैलाब ने एक बार फिर भ्रष्ट नेताओं को उनकी औकात दिखा दी। यह तो गनीमत रही कि सब कुछ गांधीगिरी से हुआ। यदि सरदार भगत सिंह और छत्रपति शिवाजी के नक्शेकदम पर यह जन-आन्दोलन चल निकलता तो स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना मात्र से ही शरीर में सिहरन पैदा हो उठती है। ऐसा भविष्य मंे भी हो सकता है। क्योंेकि जन-आन्दोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। यह तो एक छोटा सा पड़ाव भर है। वैसे तो जनतंत्र सहज ही असहज नहीं होता, लेकिन जब वह असहज हो जाता है तो सहज होना उसके लिए असहज हो जाता है। जब जनतंत्र असहज हो चुका है। जनता जागरूक हो चुकी है। भ्रष्ट लोगों की कार-गुजारियों से जन-जन परिचित हो चुका है। अब नेताओं की भ्रष्ट नेतागिरी चलने वाली नहीं है। जन-आन्दोलन का यह छोटा सा पड़ाव, भ्रष्ट नेताओं के लिए बेहद ही सुनहरी मौका है। यदि इस मौके का लाभ वे नहीं उठा पाते हैं तो संभवत: जनतंत्र उन्हें कोई दूसरा मौका भविष्य में न दे सके।

अब भी सरकार को होश में आ जाना चाहिए। सरकार द्वारा जिस मुंह से अण्णा हजारे की सभी मांगों को मंजूर किया गया है, उसी मुंह से उसे ३० जून तक नए जन लोकपाल बिल का ड्राफ्ट जनतंत्र की भावनाओं के अनुरूप तैयार करके आगामी मानसून सत्र में ध्वनि मत से पारित करे और उस पर पूर्ण ईमानदारी से अमल करे। इसके साथ ही पिछले ४० साल से लोकपाल बिल में हुई देरी से जनतंत्र से क्षमा भी मांगे। जनता तो जाग चुकी है। अब सत्ता की बारी है।


क्या है जन लोकपाल बिल?

जन लोकपाल बिल इस कानून के तहत केंæ में लोकपाल और राज्यों में लोकायुä का गठन होगा। यह संस्था इलेक्शन कमिशन और सुçीम कोर्ट की तरह सरकार से स्वतंत्र होगी। किसी भी मुकदमे की जांच एक साल के भीतर पूरी होगी। ट्रायल अगले एक साल में पूरा होगा। भ्रष्ट नेता, अधिकारी या जज को २ साल के भीतर जेल भेजा जाएगा। भ्रष्टाचार की वजह से सरकार को जो नुकसान हुआ है अपराध साबित होने पर उसे दोषी से वसूला जाएगा। अगर किसी नागरिक का काम तय समय में नहीं होता तो लोकपाल दोषी अफसर पर जुर्माना लगाएगा जो शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर मिलेगा। लोकपाल के सदस्यों का चयन जज, नागरिक और संवैधानिक संस्थाएं मिलकर करेंगी। नेताओं का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। लोकपाल लोक आयुäों का काम पूरी तरह पारदर्शी होगा। लोकपाल के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत आने पर उसकी जांच २ महीने में पूरी कर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा। सीवीसी, विजिलेंस विभाग और सीबीआई के ऐंटि-करप्शन विभाग का लोकपाल में विलय हो जाएगा। लोकपाल को किसी जज, नेता या अफसर के खिलाफ जांच करने और मुकदमा चलाने के लिए पूरी शäि और व्यवस्था होगी। जस्टिस संतोष हेगड़े, çशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने यह बिल जनता के साथ विचार विमर्श के बाद तैयार किया है।

हालांकि इस बिल को अंतिम रूप देने व उसे लागू करने के लिए वयोवृद्ध समाज अण्णा हजारे के सफल जन्तर-मन्तर पर चार दिन तक चले आमरण अनशन के बाद सरकार ने घुटने टेकते हुए एक दस सदस्यीय संयुक्त मसौदा समिति का गठन किया है, जिसमें पाँच सदस्य सरकार की तरफ से होंगे और पाँच सदस्य समाज से होंगे। इसका एक अध्यक्ष सरकार की तरफ से होगा और समाज की तरफ से एक सह-अध्यक्ष होगा। इस समिति में सरकार की तरफ से अध्यक्ष वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी होंगे और गृहमंत्री पी.चिदम्बरम, कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली, मानव संसाधन विकास और संचार एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री कपिल सिब्बल, जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद सदस्य होंगे। समाज की तरफ से प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण समिति के सह-अध्यक्ष होंगे और अण्णा हजारे, न्यायमूर्ति एन.संतोष हेगड़े, कानूनविद् प्रशांत भूषण और आरटीआई कार्यकर्ता अरविन्द केजरीवाल सदस्य होंगे। यह संयुक्त मसौदा समिति ३० जून, २०११ तक ‘जन लोकपाल बिल’ का ड्राफ्ट तैयार करेगी और जून में होने वाले मानसून सत्र में इसे संसद के पटल पर रखा जाएगा। वयोवृद्ध समाजसेवी अण्णा हजारे ने इस बिल को १५ अगस्त तक लागू करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

-प्रस्तुति : राजेश कश्यप




(प्रिय पाठक ! कृपया करके अपनी प्रतिक्रिया/सुझाव जरूर दें। आपकी बड़ी कृपा होगी। आदर सहित - राजेश कश्यप)

शनिवार, 9 अप्रैल 2011

‘जन लोकपाल बिल’ आन्दोलन की सफलता पर हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने जमकर मनाया जश्न

‘जन लोकपाल बिल’ आन्दोलन
की सफलता पर
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने जमकर मनाया जश्न



9 अप्रैल, रोहतक।

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा प्रख्यात वयोवृद्ध समाजसेवक अण्णा हजारे द्वारा भष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ‘जन लोकपाल बिल’ लागू करवाने हेतू शुरू किए गए जन आन्दोलन की सफलता पर जमकर जश्न मनाया। इस अवसर पर लड्डू बांटकर खुशियां मनाई गई और एक-दूसरे को बधाई दी गई। यह जानकारी देते हुए सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं रोहतक जिले के प्रधान युवा समाजसेवी राजेश कश्यप ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध अण्णा हजारे के नेतृत्व में यह मात्र शुरूआत भर है, अभी तो जंग बहुत लंबी चलेगी और इस जंग में कश्यप समाज कभी पीछे नहीं रहेगा।

इस अवसर पर कश्यप सभा के सरपरस्त बलजीत सिंह मतौरिया ने घोषणा करते हुए कहा कि इस बिल को संसद में पास करवाने से लेकर, उसे सच्चे अर्थों में लागू करवाने तक की जंग में हम सब सक्रिय भागीदारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज देश के करोड़ों युवाओं को इस भ्रष्टाचार विरोधी महायुद्ध में महान समाजसेवी अण्णा हजारे जैसे श्री कृष्ण की जरूरत थी, जोकि अब समय रहते पूरी हो गई है। सभा के सभी सदस्यों ने भ्रष्टाचार की इस मुहिम में बढ़चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया और ‘इंकलाब-जिन्दाबाद’ व ‘भारत-माता की जय’ के नारे बुलन्द किए।





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शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया का प्रख्यात वयोवृद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे जी को समर्थन स्वरूप लिखा गया पत्र

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा के सरपरस्त श्री बलजीत सिंह मतौरिया का प्रख्यात वयोवृद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे जी को समर्थन स्वरूप लिखा गया पत्र




आदरणीय अन्ना हजारे जी,
सादर प्रणाम।

"कर्म क्षेत्र हरा है अपना, ज्ञान शुर्भ मनमाना,
बली बलवती विनित भक्ति का, कल केसरिया बाना।
इस त्रियोग के तीर्थ राज में, हमें स्वधर्म निभाना
अपनी स्वतंत्रता से सबका, मुक्ति मंत्र है पाना।"

आज देश  के करोड़ों युवा अर्जुनों को इस भ्रष्टाचार विरोधी महायुद्ध में आप जैसे कृष्ण समान सारथी की आवश्यकता है, जिससे उन्हें सही दिशा व मार्गदर्शन मिल सके। यह युद्ध सत्य व राष्ट्रधर्म के पक्ष में है, जिसमें हमें विजय अवश्य प्राप्त होगी।

हमने आपसे यह सीखा है कि, "पुरूषार्थी मनुष्य आदर्शों के पदचिन् नहीं तलाशते, उनके स्वयं का हर कदम संसार के लिए मंजिल बन जाया करते हैं।"

मैं व्यक्तिगत रूप से व हरियाणा कश्यप राजपूत सभा (रजि. नं. १८४) जन आन्दोलन को पूर्ण समर्थन देता हूँ।

शुभकामनाओं के साथ,
आपका

(बलजीत सिंह)
सरपरस्त,
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा।





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गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

‘जन लोकपाल बिल’ आन्दोलन को हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने दिया पूर्ण समर्थन

 ‘जन लोकपाल बिल’ आन्दोलन को हरियाणा कश्यप राजपूत सभा ने दिया पूर्ण समर्थन
6 अपै्रल 2011, रोहतक।
"हरियाणा कश्यप राजपूत सभा प्रख्यात वयोवृद्ध समाजसेवक अन्ना हजारे द्वारा भष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ‘जन लोकपाल बिल’ लागू करवाने हेतू शुरू किए गए जन आन्दोलन का पूर्ण समर्थन करती है और उनके साथ है।" इस आशय की घोषणा युवा समाजसेवी एवं सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कश्यप ने करते हुए कहा कि भ्रष्ट नेताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने देश को कंगाल बनाकर रख दिया है। लाखों करोड़ों के घोटालों और अपार काले धन ने आम जनमानस की कमर तोड़कर रख दी है। भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी गरीबी, बेरोजगारी, बेकारी, भूखमरी, बिमारी आदि हर समस्या से त्रस्त हो चुका है और उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। युवा समाजसेवी राजेश कश्यप ने आगे कहा कि भ्रष्टाचारियों ने सरदार भक्त सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपतराय, उद्धम सिंह, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जैसे अमर शहीदों की कुर्बानियों का अपमान किया है और देश को उनके सपनों का भारत न बनने देने का अपराध किया है। श्री कश्यप ने कहा कि अब जनता जाग चुकी है और देश के गद्दारों एवं भ्रष्टाचारियों से चुन-चुनकर हिसाब लेगी।
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